UAE में पाकिस्तानी शियाओं पर कार्रवाई से मचा हड़कंप, हजारों लोगों की वापसी से बढ़ी बेचैनी
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संवाद 24 नई दिल्ली । संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे हजारों पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि UAE प्रशासन ने बड़ी संख्या में पाकिस्तानी शिया नागरिकों और कामगारों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया है। इस खबर के सामने आने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
हजारों लोगों के निर्वासन का दावा
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि करीब 15 हजार पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लेकर वापस पाकिस्तान भेजा गया। दावा यह भी किया गया कि इनमें बड़ी संख्या शिया समुदाय से जुड़े लोगों की थी। कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें बैंक खातों से पैसा निकालने तक का मौका नहीं दिया गया और अचानक देश छोड़ने को कहा गया।
पाकिस्तान सरकार ने दावों को बताया भ्रामक
हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन खबरों को लेकर अलग रुख अपनाया है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने साफ कहा कि UAE की ओर से किसी खास समुदाय या देश के लोगों के खिलाफ “टारगेटेड कार्रवाई” नहीं की जा रही। मंत्रालय ने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को “भ्रामक और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया” बताया।
क्षेत्रीय तनाव से जोड़ा जा रहा मामला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा मामला पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से भी जुड़ा हो सकता है। हाल के महीनों में ईरान और खाड़ी देशों के बीच हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि UAE प्रशासन सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सख्त कदम उठा रहा है। हालांकि UAE सरकार की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पाकिस्तानी समुदाय में बढ़ी बेचैनी
UAE में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक काम करते हैं। अनुमान के मुताबिक वहां 15 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी रहते हैं और इनमें बड़ी संख्या मजदूरों, तकनीकी कर्मचारियों और व्यापारियों की है। ऐसे में अचानक सामने आई इन खबरों ने वहां रह रहे पाकिस्तानी समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
धार्मिक संगठनों ने उठाए सवाल
पाकिस्तान के कुछ धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने दावा किया कि कार्रवाई खास समुदाय को निशाना बनाकर की गई। कई शिया संगठनों ने इस मामले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने की मांग भी उठाई है। वहीं कुछ नेताओं ने पाकिस्तान सरकार से UAE के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई वीडियो और पोस्ट में दावा किया गया कि बड़ी संख्या में लोग अचानक पाकिस्तान लौटने को मजबूर हुए। हालांकि कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। पाकिस्तान सरकार लगातार लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स बड़े पैमाने पर कार्रवाई का दावा कर रही हैं, वहीं पाकिस्तान सरकार targeted deportation से इनकार कर रही है। आने वाले दिनों में UAE और पाकिस्तान दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर और जानकारी सामने आने की संभावना है। फिलहाल इस मुद्दे ने खाड़ी देशों में रह रहे पाकिस्तानी समुदाय के बीच चिंता का माहौल जरूर पैदा कर दिया है।






