‘डील या फिर जंग?’ – ईरान के नए शांति प्रस्ताव पर ट्रंप ने कहा ‘मंजूर नहीं’, बढ़ा तनाव
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संवाद 24 नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर शांति की उम्मीदों को झटका लगा है। ईरान की ओर से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में ऐसी शर्तें हैं जो अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं हैं। दरअसल, दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, हालांकि हाल ही में एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था। इसी बीच ईरान ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए नया प्रस्ताव पेश किया, लेकिन अमेरिका इससे संतुष्ट नजर नहीं आ रहा।
क्या था ईरान का प्रस्ताव?
सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अपने प्रस्ताव में कुछ अहम शर्तें रखीं। इसमें प्रमुख रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और कुछ विवादित मुद्दों को बाद में सुलझाने की बात शामिल थी। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम जैसे सबसे बड़े मुद्दे को फिलहाल टालने की बात कही गई, जो अमेरिका को मंजूर नहीं है।
ईरान का कहना है कि वह कूटनीतिक रास्ता अपनाने को तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को भी अपने रुख में नरमी लानी होगी।
ट्रंप का सख्त रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिका की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो अमेरिका के पास सैन्य विकल्प भी खुले हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के अंदर नेतृत्व को लेकर असमंजस है, जिससे किसी ठोस समझौते तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
तनाव के बड़े कारण
इस पूरे विवाद के पीछे कई बड़े मुद्दे हैं –
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण
अमेरिका की आर्थिक और सैन्य रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इन मुद्दों पर स्पष्ट समझौता नहीं होता, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है।
दुनिया पर असर
इस टकराव का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है, वहां तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है, जिसका असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
क्या अभी भी है समझौते की उम्मीद?
हालांकि दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं, लेकिन बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। मध्यस्थ देशों की कोशिशें जारी हैं और कूटनीतिक स्तर पर प्रयास हो रहे हैं कि किसी तरह समझौता हो सके। लेकिन फिलहाल हालात यही संकेत दे रहे हैं कि शांति की राह आसान नहीं है।
बड़ा सवाल: क्या टलेगी जंग?
ईरान का नया प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे क्या होगा। क्या दोनों देश बातचीत से समाधान निकालेंगे या फिर हालात और ज्यादा बिगड़ेंगे? यह फैसला सिर्फ अमेरिका और ईरान का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता से जुड़ा हुआ है।






