ईरान पर फिर बरसे अमेरिकी हमले! क़ेश्म पोर्ट और बंदर अब्बास में धमाकों से मचा हड़कंप
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संवाद 24 नई दिल्ली । मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक क़ेश्म पोर्ट और बंदर अब्बास इलाके में सैन्य कार्रवाई की है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों के बाद कई इलाकों में जोरदार धमाकों और आग लगने की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी हमलों के पीछे क्या रही वजह?
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने यह कार्रवाई उस समय की, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि ईरानी बलों ने ड्रोन, मिसाइल और छोटी नौकाओं के जरिए अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला करने की कोशिश की थी। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने “रक्षात्मक कार्रवाई” करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
बंदर अब्बास क्यों माना जाता है बेहद अहम?
बंदर अब्बास ईरान का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री और सैन्य केंद्र माना जाता है। यह इलाका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बेहद करीब स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार गुजरता है। क़ेश्म द्वीप भी रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में यहां अमेरिकी हमले की खबर ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका ने क्या कहा, क्या खत्म हो गया सीजफायर?
अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि यह हमला किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं है और न ही इससे पहले घोषित संघर्षविराम खत्म माना जाएगा। फॉक्स न्यूज के हवाले से सामने आई रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल तत्काल खतरे के जवाब में की गई। हालांकि इस बयान के बावजूद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ईरान ने लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप
ईरान की ओर से अमेरिका पर संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी हमले नागरिक क्षेत्रों और तेल से जुड़े इलाकों तक पहुंचे हैं। वहीं ईरानी मीडिया ने दावा किया कि हमलों के बाद कई जगहों पर आग और धुएं के बड़े गुबार देखे गए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंडराने लगा नया खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका सबसे बड़ा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी सैन्य टकराव से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी आया सामने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका अपने जहाजों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने ईरान से जल्द शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो अमेरिका और कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
पूरी दुनिया की नजर अब मध्य पूर्व पर
इस ताजा घटनाक्रम के बाद दुनिया भर के देशों की नजरें अब मध्य पूर्व पर टिक गई हैं। संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन पहले ही क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील कर चुके हैं। हालांकि लगातार हो रहे सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य होने से काफी दूर हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।






