KVS की दूसरी सूची जारी, हजारों अभिभावकों की उम्मीदें फिर जागीं

Share your love

संवाद 24 डेस्क। केंद्रीय विद्यालय संगठन यानी Kendriya Vidyalaya Sangathan ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 और बालवाटिका प्रवेश की दूसरी प्रोविजनल सूची जारी कर दी है। पहली सूची के बाद जिन सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, उन रिक्त सीटों को भरने के लिए दूसरी सूची सामने आई है। ऐसे में हजारों अभिभावकों और छात्रों की नजरें अब इस सूची पर टिक गई हैं, क्योंकि कई बच्चों के नाम पहली सूची में नहीं आने के बावजूद अब उन्हें मौका मिल सकता है।
यह दूसरी सूची ऐसे समय जारी हुई है जब पहली सूची में चयनित कई अभ्यर्थियों ने दस्तावेज सत्यापन नहीं कराया या समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं की। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं और अब उन सीटों को प्रतीक्षा सूची में शामिल बच्चों को आवंटित किया जा रहा है। यही कारण है कि दूसरी सूची को लेकर इस बार अभिभावकों में विशेष उत्सुकता देखने को मिल रही है।

पहली सूची के बाद क्यों बनी दूसरी सूची की जरूरत
केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा 1 का प्रवेश पूरी तरह लॉटरी और प्राथमिकता श्रेणी के आधार पर होता है। यहां मेरिट या परीक्षा के अंक नहीं देखे जाते। पहली सूची में जिन बच्चों का चयन हुआ था, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करना था। लेकिन कई मामलों में अभिभावक समय पर विद्यालय नहीं पहुंच सके, कुछ मामलों में जरूरी प्रमाणपत्र अधूरे पाए गए और कुछ अभिभावकों ने दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने का विकल्प चुन लिया। इन कारणों से कई सीटें खाली रह गईं।
यही खाली सीटें अब दूसरी सूची के माध्यम से भरी जा रही हैं। दूसरी सूची में मुख्य रूप से उन्हीं बच्चों को शामिल किया गया है जो पहली सूची के बाद प्रतीक्षा सूची में थे और जिनकी प्राथमिकता श्रेणी तथा लॉटरी क्रमांक बेहतर था।

आज जारी हुई दूसरी प्रोविजनल सूची
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 16 अप्रैल 2026 को दूसरी प्रोविजनल सूची जारी की है। इससे पहले पहली सूची 9 अप्रैल को जारी की गई थी, जबकि कुछ राज्यों जैसे असम, केरल और पुडुचेरी में यह सूची 10 अप्रैल को जारी हुई थी। अब दूसरी सूची के बाद तीसरी सूची भी जारी की जाएगी, यदि सीटें शेष रहती हैं।
दूसरी सूची जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को बहुत कम समय में दस्तावेज सत्यापन कराना होगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जिन बच्चों का नाम दूसरी सूची में है, उन्हें 18 अप्रैल 2026 तक अपने संबंधित विद्यालय में रिपोर्ट करना होगा। यदि अभिभावक तय समय के भीतर दस्तावेज सत्यापन नहीं कराते हैं, तो उनका प्रवेश स्वतः निरस्त माना जाएगा।

कैसे देखें दूसरी सूची में अपने बच्चे का नाम
अभिभावक अपने बच्चे का नाम देखने के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विद्यालय की वेबसाइट पर जा सकते हैं। वहां राज्य, शहर और विद्यालय का चयन करने के बाद संबंधित सूची डाउनलोड की जा सकती है। सूची पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध होती है, जिसमें अभ्यर्थी अपने बच्चे का नाम या पंजीकरण संख्या खोज सकते हैं।
सूची देखने के लिए अभिभावकों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। इसके बाद “Lottery Result” या “Admission 2026-27” सेक्शन पर क्लिक करना होगा। वहां राज्य और विद्यालय का चयन करने के बाद संबंधित कक्षा की सूची खुल जाएगी। पीडीएफ डाउनलोड करके उसमें बच्चे का आवेदन क्रमांक या नाम खोजा जा सकता है।

चयनित होने के बाद क्या करना होगा
यदि किसी बच्चे का नाम दूसरी सूची में आ गया है, तो यह अंतिम प्रवेश नहीं माना जाएगा। यह केवल प्रोविजनल चयन है। अंतिम प्रवेश तभी माना जाएगा जब अभिभावक संबंधित विद्यालय में जाकर सभी दस्तावेजों का सत्यापन करवा लें।
दस्तावेज सत्यापन के दौरान बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, सेवा प्रमाणपत्र, एकल बालिका प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र और ऑनलाइन आवेदन की प्रति जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। जिन अभिभावकों ने आरटीई, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी, ओबीसी या अन्य विशेष श्रेणियों में आवेदन किया है, उन्हें संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा अभिभावकों को बच्चे और माता-पिता की पासपोर्ट आकार की फोटो भी साथ ले जानी होगी। कई विद्यालय आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज भी मांग सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों के लिए बेहतर होगा कि वे सभी जरूरी कागजात पहले से तैयार रखें ताकि अंतिम समय में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिनका नाम नहीं आया, उनके लिए भी उम्मीद बाकी
यदि दूसरी सूची में भी किसी बच्चे का नाम नहीं आया है, तो अभिभावकों को निराश होने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने तीसरी सूची जारी करने का भी कार्यक्रम तय किया है। यह सूची 21 अप्रैल 2026 को जारी की जाएगी। इसके बाद भी यदि सीटें खाली रहती हैं, तो विद्यालय स्तर पर ऑफलाइन स्पॉट एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ऑफलाइन स्पॉट एडमिशन 22 अप्रैल 2026 से शुरू हो सकते हैं। इसमें वे अभिभावक आवेदन कर सकते हैं जिनके बच्चों का नाम किसी भी सूची में नहीं आया या जिन्होंने पहले आवेदन नहीं किया था, बशर्ते विद्यालय में सीटें उपलब्ध हों।

क्यों खास माने जाते हैं केंद्रीय विद्यालय
देशभर में केंद्रीय विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा के लिए जाना जाता है। यहां पढ़ाई का स्तर बेहतर माना जाता है और शिक्षकों की नियुक्ति भी केंद्रीकृत प्रक्रिया के तहत होती है। यही वजह है कि हर साल लाखों अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश यहां कराने की कोशिश करते हैं। Kendriya Vidyalaya में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी अच्छा वातावरण मिलता है।
केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लॉटरी प्रणाली अपनाई जाती है। इससे सभी आवेदकों को समान अवसर मिलता है और चयन प्रक्रिया पर किसी तरह का पक्षपात या विवाद कम होता है। हालांकि सीटें सीमित होने के कारण हर साल बड़ी संख्या में बच्चे प्रतीक्षा सूची में चले जाते हैं। ऐसे में दूसरी और तीसरी सूची उन अभिभावकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है जिनके बच्चे पहले चरण में चयनित नहीं हो पाए।

अभिभावकों के लिए सबसे जरूरी सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी सूची में नाम आने के बाद अभिभावकों को समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। दस्तावेजों की तैयारी पहले से कर लें और संबंधित विद्यालय से संपर्क बनाए रखें। कई बार छोटी-सी गलती, अधूरा प्रमाणपत्र या देरी प्रवेश को प्रभावित कर सकती है।
इसके साथ ही जिन अभिभावकों के बच्चों का नाम अभी तक किसी सूची में नहीं आया है, उन्हें नियमित रूप से विद्यालय की वेबसाइट और आधिकारिक पोर्टल देखते रहना चाहिए। कई बार तीसरी सूची और ऑफलाइन प्रवेश में भी बच्चों को मौका मिल जाता है। यही कारण है कि अभी उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, बल्कि दूसरी सूची के बाद प्रवेश की दौड़ और दिलचस्प हो गई है।

Geeta Singh
Geeta Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News