10 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5127
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अष्टमी रात्रि 08:35 तक, तत्पश्चात् नवमी
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा सुबह 11:15 तक, तत्पश्चात् श्रवण
योग – साध्य सुबह 07:45 तक, तत्पश्चात् शुभ
करण – कौलव सुबह 07:45 तक, फिर तैतिल रात्रि 08:35 तक
चंद्र गोचर– मकर राशि (पूरा दिन)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:06
सूर्यास्त – 06:48
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:03 से 12:47 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक (11 अप्रैल)
राहुकाल – सुबह 10:45 से दोपहर 12:20 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (शुक्रवार होने के कारण)
व्रत-पर्व विवरण
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज “शीतलाष्टमी (बासोड़ा)” का पावन पर्व है। इस दिन भगवती शीतला की आराधना की जाती है और उन्हें बासी भोजन (ठंडा नैवेद्य) अर्पित किया जाता है। शुक्रवार का संयोग होने के कारण आज महालक्ष्मी की पूजा सुख-समृद्धि प्रदायक है।
विशेष जानकारी
चन्द्रमा आज पूरे दिन शनि की राशि मकर में गोचर करेंगे। सुबह 11:15 के बाद चन्द्रमा का अपना नक्षत्र श्रवण प्रारंभ होगा। श्रवण नक्षत्र और शुक्रवार का मेल आज के दिन को नई योजनाओं के क्रियान्वयन और भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ बनाता है। आज का दिन जल संचयन और सार्वजनिक सेवा के कार्यों के लिए भी श्रेष्ठ है।

आज का राशिफल 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल हो सकते हैं। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – माँ लक्ष्मी को गुलाब का पुष्प अर्पित करें और ‘श्री सूक्त’ का पाठ करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
भाग्य का सितारा चमकेगा। लंबी दूरी की धार्मिक यात्रा के योग बन रहे हैं। आज आप मानसिक रूप से काफी शांति महसूस करेंगे। अधूरे कार्य आसानी से पूर्ण होंगे।
उपाय – सफेद चंदन का तिलक लगाएं और शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आज स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। वाणी पर संयम रखना अनिवार्य है, अन्यथा वाद-विवाद बढ़ सकता है। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा और आकस्मिक धन लाभ होगा।
उपाय – पक्षियों को सप्तधान्य खिलाएं और ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ का जप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक सिद्ध होगी। आज आप विलासिता की वस्तुओं पर धन व्यय कर सकते हैं। सामाजिक साख बढ़ेगी।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शत्रुओं पर आपकी धाक जमेगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। पुराने रोगों में राहत मिलेगी। कार्यक्षेत्र में अधिक भागदौड़ बनी रहेगी।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
विद्यार्थियों के लिए आज का दिन अत्यंत श्रेष्ठ है। संतान की ओर से सुखद समाचार प्राप्त होगा। रचनात्मक कार्यों में आपकी सराहना होगी। आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
उपाय – गाय को गुड़-रोटी खिलाएं और लक्ष्मी जी की आरती करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। माता का पूर्ण स्नेह और सहयोग प्राप्त होगा। वाहन या भूमि क्रय करने की योजना सफल हो सकती है। मन प्रसन्न और उत्साहित रहेगा।
उपाय – श्री यंत्र का पूजन करें और सफेद वस्त्र धारण करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
साहस और पराक्रम बढ़ा रहेगा। भाई-बहनों के साथ संबंधों में सुधार होगा। छोटी दूरी की लाभदायक यात्रा के योग हैं। आज आपकी कार्यकुशलता की प्रशंसा होगी।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और सुंदरकांड का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आर्थिक लाभ के प्रबल योग हैं। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। आपकी मधुर वाणी आज बिगड़े हुए कार्यों को भी बना देगी। निवेश लाभदायक रहेगा।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। व्यक्तित्व में निखार आएगा। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में कोई बड़ा अनुबंध मिल सकता है।
उपाय – शनि मंदिर में दीप जलाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाएं। व्यर्थ की यात्राओं से थकान महसूस हो सकती है। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। शाम के समय किसी प्रिय मित्र से भेंट होगी।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आय में वृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे। बड़े भाइयों का सहयोग आपके लिए वरदान सिद्ध होगा। महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होगी। व्यापारिक विस्तार के लिए दिन उत्तम है।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और पीला चंदन लगाएं।

