हाईकोर्ट से मिली राहत, लेकिन जेल से बाहर नहीं आ सके अनुराग दुबे
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फर्रुखाबाद जिला जेल में बंद गैंगस्टर एक्ट के आरोपी अनुराग दुबे उर्फ डब्बन को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने अनुराग दुबे की जमानत मंजूर कर दी, जिसके बाद स्थानीय गैंगस्टर कोर्ट में जमानत की औपचारिकताएं पूरी कर रिहाई परवाना भी जारी कर दिया गया। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अनुराग दुबे फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सके।
बी वारंट बना रिहाई में बाधा
अनुराग दुबे की रिहाई उस समय रुक गई जब मैनपुरी की सीजेएम अदालत से जारी बी वारंट को तामील करा लिया गया। यह बी वारंट हत्या और जानलेवा हमले से जुड़े एक अन्य मामले में जारी हुआ है। बी वारंट के तहत अनुराग दुबे को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया, जिसके चलते उनकी जेल से रिहाई फिलहाल टल गई है।
गैंगस्टर एक्ट में पहले भेजे गए थे जेल
गौरतलब है कि गैंगस्टर एक्ट के मामले में माफिया अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, उनके भाई एवं ब्लॉक प्रमुख अमित दुबे बब्बन समेत अन्य आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। बीते दिनों गैंगस्टर कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था। अब हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भी उन्हें दूसरे मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
पुराने हत्या मामले से भी जुड़ा है नाम
अनुराग दुबे का नाम मैनपुरी के एक चर्चित पुराने हत्याकांड में भी सामने आता रहा है। यह मामला वर्ष 2005 में दंपति कौशल और कृष्णा देवी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें अनुपम दुबे, अनुराग दुबे उर्फ डब्बन और अन्य लोगों पर आरोप लगे थे। हाल ही में इस मामले की दोबारा जांच के आदेश भी दिए गए हैं, जिससे अनुराग दुबे की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अनुपम दुबे गैंग पर लगातार शिकंजा
फर्रुखाबाद में अनुपम दुबे गैंग पर प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। अनुपम दुबे फिलहाल मथुरा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है, जबकि उसके परिवार और गैंग से जुड़े लोगों पर गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति कुर्की और अन्य मामलों में कार्रवाई जारी है। अनुराग दुबे पर भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और प्रशासन लंबे समय से उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है।






