9 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 9 अप्रैल 2026, गुरुवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5127
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
तिथि – सप्तमी सायं 06:28 तक, तत्पश्चात् अष्टमी
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा सुबह 08:32 तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा
योग – सिद्धि सायं 05:12 तक, तत्पश्चात् साध्य
करण – बव सुबह 06:40 तक, तत्पश्चात् बालव सायं 06:28 तक चंद्र गोचर
चन्द्रमा – धनु राशि में दोपहर 02:44 तक, तत्पश्चात् मकर राशि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:07
सूर्यास्त – 06:48
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:03 से 12:47 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक (10 अप्रैल)
राहुकाल – दोपहर 01:58 से 03:32 तक
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में (गुरुवार होने के कारण)
व्रत-पर्व विवरण
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। गुरुवार का दिन होने के कारण आज भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना का विशेष महत्व है। आज सप्तमी तिथि के उपलक्ष्य में भानु-सप्तमी जैसा पुण्य फल प्राप्त करने के लिए सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ रहेगा। वैशाख मास की परंपरा अनुसार आज के दिन शीतल जल और मौसमी फलों का दान उत्तम माना गया है।
विशेष जानकारी
चन्द्रमा आज दोपहर 02:44 तक गुरु की राशि धनु में रहेंगे, उसके बाद शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे। सुबह 08:32 के बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसके स्वामी सूर्य देव हैं। आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति, गुरु दीक्षा और मांगलिक चर्चाओं के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है। सिद्धि योग होने से नए कार्यों की योजना बनाना सफल सिद्ध होगा।

आज का राशिफल 9 अप्रैल 2026, गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
भाग्य का भरपूर सहयोग मिलेगा। दोपहर के बाद कार्यक्षेत्र में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज वाणी पर संयम रखें। दोपहर तक का समय थोड़ा संघर्षपूर्ण रह सकता है, किंतु उसके बाद स्थितियां आपके पक्ष में होंगी। आकस्मिक लाभ के योग बनेंगे।
उपाय – केले के वृक्ष का पूजन करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। व्यापारिक यात्राएं सुखद और लाभदायक रहेंगी। दोपहर के बाद अटके हुए कार्यों में गति आएगी। सामाजिक सम्मान प्राप्त होगा।
उपाय – मस्तक पर पीला चंदन लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विरोधियों पर आपकी विजय होगी। पुराने कर्ज को चुकाने में सफल रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का उचित फल प्राप्त होगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें और चने की दाल का दान करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
विद्यार्थियों के लिए सफलता का दिन है। संतान की ओर से सुखद समाचार प्राप्त होगा। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। दोपहर के बाद आर्थिक लाभ के योग हैं।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और गुरु मंत्र का जप करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। भूमि-भवन से जुड़े कार्यों में प्रगति होगी। दोपहर के बाद माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं फलदायी होंगी।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के लड्डू चढ़ाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। छोटी दूरी की यात्रा लाभदायक रहेगी। आज आपकी संवाद शैली से बिगड़े काम बनेंगे।
उपाय – माँ लक्ष्मी की आरती करें और मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
धन लाभ के प्रबल योग हैं। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। दोपहर के बाद निवेश से लाभ होने की संभावना है। आपकी वाणी का प्रभाव समाज में बढ़ेगा।
उपाय – हनुमान जी को गुड़ का भोग लगाएं और चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
मानसिक शांति और आत्मविश्वासके बढ़ा रहेगा। दोपहर तक का समय अत्यंत शुभ है। सोचे हुए कार्य बिना बाधा के पूरे होंगे। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक खर्चों की अधिकता रह सकती है। उसके बाद चन्द्रमा का आपकी राशि में आना मानसिक उत्साह बढ़ाएगा। अटके हुए कार्य पूर्ण होंगे। व्यापार में लाभ होगा।
उपाय – पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने मित्रों से भेंट लाभदायक रहेगी। दोपहर के बाद महत्वपूर्ण निर्णयों में बड़ों की सलाह अवश्य लें। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। नई जिम्मेदारी या पदोन्नति की संभावना है। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। पिता का सहयोग आपके लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
उपाय – मस्तक पर पीला चंदन लगाएं और ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:’ का जाप करें।

