दो साल से बंद पीकू वार्ड में मिला दवाओं का भंडार, सीएमओ ने जताई नाराजगी
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बंद पड़े पीकू वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार को बड़ी लापरवाही देखने को मिली। करीब दो वर्षों से बंद इस वार्ड में बड़ी मात्रा में दवाएं स्टोर करके रखी गई थीं। वार्ड में लाखों रुपये की मशीनें, बेड और अन्य संसाधन मौजूद होने के बावजूद बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर सीएमओ ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।
एक्सपायरी के करीब मिलीं आयरन टैबलेट्स, जल्द वितरण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने दवाओं की एक्सपायरी डेट भी जांची। इसमें आयरन की कुछ टैबलेट्स की एक्सपायरी नजदीक पाई गई। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन दवाओं का जल्द से जल्द वितरण कराया जाए, ताकि दवाएं खराब होने से पहले मरीजों तक पहुंच सकें। साथ ही उन्होंने तीन दिन के भीतर वार्ड को खाली कराने, दवाएं हटाने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संसाधन होने के बावजूद शुरू नहीं हो पाया पीकू वार्ड
लोहिया अस्पताल का पीकू वार्ड लंबे समय से बंद है, जबकि यहां बच्चों के इलाज के लिए जरूरी सभी संसाधन पहले से उपलब्ध हैं। अस्पताल में पीकू वार्ड के बंद रहने का मुद्दा कई बार उठ चुका है, लेकिन अब तक इसे शुरू नहीं कराया जा सका। इससे गंभीर हालत में आने वाले बच्चों को इलाज के लिए दूसरी जगह रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनआरसी वार्ड को नीचे शिफ्ट करने का सुझाव
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने बाल रोग विशेषज्ञ को बुलाकर एनआरसी वार्ड को नीचे लाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इसके अलावा प्रशिक्षण पर आए जीएनएम प्रशिक्षुओं से भी सवाल-जवाब किए और अस्पताल में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
पहले भी मिल चुकी हैं कई खामियां
लोहिया अस्पताल में इससे पहले भी निरीक्षण के दौरान कई तरह की खामियां सामने आ चुकी हैं। कभी दवा स्टोर में एक्सपायरी डेट का रिकॉर्ड नहीं मिला, तो कभी एनआरसी और पीकू वार्ड में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाओं पर सवाल उठे। लगातार निरीक्षण और चेतावनी के बावजूद अस्पताल की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।






