7 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग अंग्रेजी दिनांक – 7 अप्रैल 2026, मंगलवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
तिथि – पंचमी दिन 04:35 तक, तत्पश्चात् षष्ठी
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – ज्येष्ठ पूरा दिन
योग – व्यतिपात दिन 04:38 तक, तत्पश्चात् वरीयान
करण – तैतिल सुबह 11:51 तक, तत्पश्चात् गर
चंद्र गोचर – वृश्चिक राशि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:09
सूर्यास्त – 06:46
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:03 से 12:47 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक (8 अप्रैल)
राहुकाल – दोपहर 03:39 से 05:13 तक
दिशाशूल – उत्तर दिशा में (मंगलवार होने के कारण)
विशेष – गण्डमूल नक्षत्र (पूरा दिन)
व्रत-पर्व विवरण
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। मंगलवार का दिन होने से आज का दिन श्री हनुमान जी और मंगल देव की विशेष उपासना के लिए फलदायी है। आज कोई विशेष बड़ा पर्व नहीं है, किंतु वैशाख मास के माहात्म्य के अनुसार जल पात्र का दान और सूर्य उपासना श्रेष्ठ मानी गई है।
विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा पूरे दिन अपने नीच प्रभाव वाली राशि वृश्चिक में रहेंगे और नक्षत्र ज्येष्ठा रहेगा। मंगलवार को ज्येष्ठा नक्षत्र होने से आज पूरा दिन गण्डमूल प्रभावी है। चन्द्रमा का नीच राशि में होना और व्यतिपात योग का मेल मानसिक अस्थिरता और भ्रम पैदा कर सकता है। आज महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णयों और बड़े समझौतों में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
दिशा-विवेक
दक्षिण और पूर्व दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
उत्तर दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर रखें।

आज का राशिफल 7 अप्रैल 2026, मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। गुप्त शत्रुओं से कष्ट मिल सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा परिवार में विवाद संभव है। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक और परिणाम कम मिल सकते हैं।
उपाय – हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दाम्पत्य जीवन में कुछ तनाव रह सकता है। व्यापारिक साझेदारी में पारदर्शिता बनाए रखें। दोपहर के बाद किसी पुराने निवेश से लाभ होने की संभावना है। वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – शिवलिंग पर शहद अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
शत्रुओं पर आपकी विजय होगी। पुराने कर्ज को चुकाने में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। ननिहाल पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
उपाय – भगवान गणेश को सिंदूर चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से उचट सकता है। संतान की ओर से चिंता रह सकती है। प्रेम संबंधों में विवाद की स्थिति बन सकती है। आकस्मिक खर्चों पर नियंत्रण रखें।
उपाय – हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
पारिवारिक कलह से बचें। माता के स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहें। भूमि-भवन के मामलों में आज कोई बड़ा निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग कम प्राप्त होगा।
उपाय – सूर्य नारायण को जल अर्पित करें और लाल फूल चढ़ाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। छोटी दूरी की यात्रा लाभदायक रहेगी। आज आप अपनी बुद्धिबल से जटिल समस्याओं का समाधान निकाल लेंगे।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आर्थिक निवेश के लिए दिन मध्यम है। संचित धन के व्यय के योग हैं। परिवार के साथ सामंजस्य बिठाने का प्रयास करें। नेत्र संबंधी कोई कष्ट हो सकता है।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में हैं। मानसिक द्वंद्व और भ्रम की स्थिति रह सकती है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। महत्वपूर्ण कार्यों में बड़े-बुजुर्गों की सलाह अवश्य लें।
उपाय – चमेली के तेल का दीपक हनुमान जी के सम्मुख जलाएं।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
व्यर्थ के खर्चों और यात्राओं से बचें। नींद की कमी और मानसिक थकान महसूस हो सकती है। धार्मिक कार्यों में धन खर्च होगा। शाम के समय स्थिति में कुछ सुधार होगा।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के नए स्रोत बनेंगे। अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है। मित्रों के सहयोग से कोई बड़ा कार्य संपन्न होगा। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – शनि मंदिर में दीप जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पिता के मार्गदर्शन से लाभ होगा। शासन-सत्ता से जुड़े कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।
उपाय – पक्षियों को सप्तधान्य खिलाएं।
मीन (दी, दू, th, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य का साथ मिलेगा। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की यात्रा सुखद रहेगी। समाज के प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ेगा। रुका हुआ धन मिल सकता है।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।

