आंधी-ओलों ने फर्रुखाबाद में मचाई तबाही, 120 गांवों की बिजली गुल
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शनिवार देर शाम फर्रुखाबाद में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश तथा ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। जिले के कई हिस्सों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति और यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। खुदागंज क्षेत्र में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई, जबकि फर्रुखाबाद-दिल्ली मार्ग पर पेड़ गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम विभाग पहले ही तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी कर चुका था।
फर्रुखाबाद-दिल्ली मार्ग पर डेढ़ घंटे रुका ट्रैफिक
गमगमा क्षेत्र के पास फर्रुखाबाद-दिल्ली मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिरने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने का काम शुरू किया। वन दरोगा राकेश तिवारी के मुताबिक क्षेत्र में दो अन्य स्थानों पर भी पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं, जिनकी सफाई का कार्य देर रात करीब दो बजे तक चलता रहा। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में भी कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
गांवों में टूटी बिजली व्यवस्था, 120 गांव अंधेरे में डूबे
तेज आंधी के कारण नवाबगंज क्षेत्र में बिजली लाइनों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं। इससे करीब 120 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जरारी पावर हाउस से जुड़े करीब 20 गांव भी प्रभावित रहे। बिजली विभाग की टीमों ने रात में टॉर्च की रोशनी में लाइन पेट्रोलिंग की और क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का काम शुरू किया। 33 हजार वोल्ट की मुख्य लाइन को रात करीब 12 बजे चालू कर दिया गया, लेकिन रविवार सुबह तक कई गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी।
रसूलपुर क्षेत्र में एक पेड़ ट्रांसफार्मर पर गिर गया, जिससे ट्रांसफार्मर और खंभा सड़क पर आ गया। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
मकानों और पशुओं को भी नुकसान
नवाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत ज्योना में तेज आंधी से एक नीम का पेड़ विनोद सिंह के मकान की दीवार पर गिर गया, जिससे दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। इसी गांव में राजेश शर्मा की टीन शेड भी तेज हवा में उड़कर गिर गई। हादसे में उनकी एक भैंस शेड के नीचे दब गई। हालांकि ग्रामीणों ने समय रहते उसे बाहर निकाल लिया।
खेतों में बिछी तबाही, गेहूं-मक्का की फसल को भारी नुकसान
खुदागंज क्षेत्र में ओले गिरने से गेहूं और मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उमरपुर गांव में एक किसान की पांच बीघा मक्का की फसल पूरी तरह गिर गई। खेतों में कटाई के बाद रखा गेहूं भी बारिश में भीग गया, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई।
खेत में गेहूं सुखा रहे किसान महेश ने बताया कि आंधी और बारिश से खेतों में रखा गेहूं पूरी तरह भीग गया है और अब उसे सूखाने के लिए बार-बार पलटना पड़ रहा है। किसान भंवर पाल ने कहा कि गेहूं और सरसों की पकी फसल तेज हवा और बारिश में गिर जाती है, जिससे भारी नुकसान होता है।
अगले कुछ दिन और भारी पड़ सकते हैं
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 8 अप्रैल तक तेज हवाएं, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। फर्रुखाबाद समेत कई जिलों के लिए ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को फसल सुरक्षित रखने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।






