गुड फ्राइडे पर मंचित हुआ क्रूसीकरण, श्रद्धालुओं ने याद किया यीशु का त्याग
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फर्रुखाबाद में गुड फ्राइडे के अवसर पर शुक्रवार को मसीही समाज ने प्रभु यीशु मसीह के बलिदान, प्रेम और क्षमा को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। शहर के विभिन्न गिरजाघरों में सुबह से ही विशेष प्रार्थना सभाएं, आराधना और क्रूसीकरण जुलूस आयोजित किए गए। सफेद वस्त्रों में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के अंतिम समय को याद करते हुए मौन प्रार्थना की और उनके संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
सीएनआई बढ़पुर चर्च में क्रूसीकरण की स्मृति में विशेष जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पास्टर हाउस से शुरू होकर चर्च परिसर तक पहुंचा। इस दौरान अभिजीत सहाय ने प्रभु यीशु का स्वरूप धारण कर अपने कंधों पर क्रूस उठाया और उस पीड़ा का जीवंत चित्रण किया, जिसे प्रभु यीशु ने मानव जाति के उद्धार के लिए सहन किया था। चर्च परिसर में क्रूसीकरण का दृश्य मंचित किया गया, जिसमें प्रभु यीशु के साथ डिसमास और गेसटार को भी क्रूस पर चढ़ाए जाने का प्रदर्शन किया गया। माता मरियम की पीड़ा और करुणा को भी बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
विशेष आराधना के दौरान पादरी मनोज कुमार ने पवित्र बाइबिल से प्रभु यीशु के सात अंतिम वचनों का पाठ किया। पहला वचन — “हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं” — सुनते ही गिरजाघर का माहौल भावुक हो उठा। पादरी ने कहा कि असहनीय पीड़ा में भी प्रभु यीशु ने अपने सताने वालों के लिए क्षमा की प्रार्थना की थी। यही संदेश आज भी समाज को प्रेम, दया और भाईचारे की राह दिखाता है। गुड फ्राइडे पर प्रभु यीशु के सात वचनों का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि इनमें क्षमा, विश्वास, करुणा, त्याग और समर्पण का संदेश निहित है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार गुड फ्राइडे प्रभु यीशु मसीह के क्रूसीकरण और बलिदान का दिन है। ईसाई समुदाय इसे शोक, प्रार्थना और आत्मचिंतन के रूप में मनाता है। चर्चों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशेष आराधना की परंपरा भी रही है, क्योंकि माना जाता है कि इसी दौरान प्रभु यीशु ने क्रूस पर अपने अंतिम वचन कहे थे। दुनिया भर में इस दिन प्रभु यीशु के सात वचनों और क्रॉस यात्रा को विशेष रूप से याद किया जाता है।
फर्रुखाबाद के ऑल सेंट्स चर्च, सिटी चर्च, रखा चर्च और बढ़पुर चर्च में भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। ऑल सेंट्स चर्च और सिटी चर्च में पादरी स्टीफन मसीह ने श्रद्धालुओं को प्रभु यीशु के प्रेम और त्याग का संदेश दिया, जबकि रखा चर्च और बढ़पुर चर्च में पादरी मनोज कुमार ने विशेष प्रार्थना सभा का संचालन किया।
गिरजाघरों में हुई प्रार्थना सभाओं में अमन मनीला पीटर, भावना लाल, डोरकस अबरार, अजय जी लाल, आदित्य सहाय, डायमंड इंद्रियास, राजीव के लाल, रितेश ऑलिव सिंह, विनीता सिंह, सुषमा दयाल, जॉर्डन राज, सुनील विक्टर, वीना साइमन, स्वेता नोरमन, रविंद्र जी लाल, एलिस दयाल, निशा लाल, शशि सिंह, राहुल अबरार, प्रशांत एडसन, सुजीत सहाय, अनमोल लाल और विशाल दास सहित बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग मौजूद रहे।






