3 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
Share your love

आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5127
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वितीया दोपहर 04:21 तक, तत्पश्चात् तृतीया
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – विशाखा दोपहर 03:09 तक, तत्पश्चात् अनुराधा
योग – साध्य शाम 06:11 तक, तत्पश्चात् शुभ
करण – तैतिल दोपहर 04:21 तक, फिर गर रात्रि 04:55 तक
चंद्र गोचर – तुला राशि में सुबह 09:21 तक, तत्पश्चात् वृश्चिक राशि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:13
सूर्यास्त – 06:44
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:04 से 12:47 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:06 से 12:57 तक (4 अप्रैल)
राहुकाल – सुबह 10:51 से दोपहर 12:24 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (शुक्रवार होने के कारण)
व्रत-पर्व विवरण
आज चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज “अशोक तृतीया” का व्रत (पारण एवं पूजन विधान) और “गुड फ्राइडे” है। शुक्रवार का दिन होने से आज महालक्ष्मी और शुक्र देव की उपासना का विशेष महत्व है। आज का दिन भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि और कलात्मक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ है।
विशेष जानकारी
चन्द्रमा आज सुबह 09:21 पर मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे, जहाँ वे नीच राशि के माने जाते हैं, अतः आज मानसिक रूप से थोड़ा संयम और धैर्य रखने की आवश्यकता है। दोपहर 03:09 तक गुरु का नक्षत्र विशाखा रहेगा, उसके बाद शनि का नक्षत्र अनुराधा प्रारंभ होगा। अनुराधा नक्षत्र मित्रता और सफलता का प्रतीक है, जो शाम के समय कार्यों में अनुकूलता प्रदान करेगा।
दिशा-विवेक
उत्तर और पूर्व दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
पश्चिम दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो दही या शहद खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर रखें।

आज का राशिफल 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सचेत रहें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा। आकस्मिक लाभ के योग बने हुए हैं, लेकिन किसी पर आँख मूंदकर भरोसा न करें।
उपाय – माँ लक्ष्मी को गुलाब का फूल अर्पित करें और ‘श्री सूक्त’ का पाठ करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दाम्पत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक सिद्ध हो सकती है। आज आप विलासिता की वस्तुओं पर धन खर्च कर सकते हैं। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और मिश्री का दान करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
शत्रुओं पर आपकी विजय निश्चित है। पुराने विवादों से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। ननिहाल पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। मन उत्साहित रहेगा।
उपाय – पक्षियों को सप्तधान्य खिलाएं और ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ का जाप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों के लिए आज का दिन सफलतादायक है। संतान की ओर से मान-सम्मान मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। आज आपकी रचनात्मकता समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ाएगी।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और शहद अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
पारिवारिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी। माता का आशीर्वाद आपके कार्यों को सफल बनाएगा। भूमि-भवन से जुड़े मामले आज सुलझ सकते हैं। मन में शांति और संतोष बना रहेगा।
उपाय – सूर्य नारायण को अर्घ्य दें और ‘दुर्गा चालीसा’ का पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
साहस और पराक्रम बढ़ा रहेगा। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। आज आप अपनी कार्यशैली से सबको प्रभावित करेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गांठें अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आर्थिक लाभ के प्रबल योग हैं। संचित धन में वृद्धि होगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। आपकी वाणी आज धन और सम्मान दोनों दिलाएगी।
उपाय – माँ लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं और इत्र अर्पित करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा, लेकिन थोड़े चिड़चिड़ेपन से बचें। सोचे हुए कार्य समय पर पूरे होंगे। सुख-सुविधाओं का आनंद लेंगे।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं और हनुमान चालीसा पढ़ें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज खर्चों की अधिकता रह सकती है। व्यर्थ की भागदौड़ से थकान महसूस होगी। दोपहर के बाद स्थिति अनुकूल होगी। धार्मिक यात्रा की योजना बन सकती है।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और पीली वस्तुओं का दान करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने मित्रों से भेंट लाभदायक रहेगी। व्यापार में अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। बड़े भाई-बहनों का सहयोग आपको नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
उपाय – शनि मंदिर में दीप जलाएं और ‘सिद्ध कुंजिका स्तोत्र’ का पाठ करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नई जिम्मेदारी या पदोन्नति की संभावना प्रबल है। पिता के मार्गदर्शन से जटिल समस्याएं हल होंगी। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और सफेद फूलों से माँ दुर्गा की पूजा करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य का पूर्ण साथ मिलेगा। आध्यात्मिक यात्रा और धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। समाज के प्रभावशाली लोगों से संपर्क होगा। धन और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

