अक्षय तृतीया पर निकलेगी भगवान परशुराम शोभायात्रा, आदित्य बने प्रभारी; तैयारियों को अंतिम रूप
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भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को निकलने वाली भगवान परशुराम शोभायात्रा को लेकर ब्राह्मण समाज सेवा समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। समिति की बैठक में यात्रा को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गईं। इस बार शोभायात्रा को धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक स्वरूप देने की भी योजना बनाई जा रही है।
बैठक में आदित्य दीक्षित को शोभायात्रा का प्रभारी बनाया गया है, जबकि सौरभ मिश्रा (चांकित) को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अंकित तिवारी को सहसंयोजक, क्रांति पाठक को सह प्रभारी और अजय दुबे (अज्जू) को व्यवस्थापक नियुक्त किया गया है। युवा वर्ग और यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी विमलेश मिश्रा को दी गई है।
समिति अध्यक्ष रमेश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि इस वर्ष भगवान परशुराम शोभायात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के अधिक से अधिक लोगों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रा सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बन सके।
समिति के अनुसार, भगवान परशुराम शोभायात्रा 19 अप्रैल को शाम 5 बजे पंडा बाग मंदिर से प्रारंभ होगी। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए ब्राह्मण समाज धर्मशाला तक पहुंचेगी। आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी देखने को मिलेगी।
इस वर्ष भगवान परशुराम जयंती 19 अप्रैल को मनाई जाएगी और इसी दिन अक्षय तृतीया का पर्व भी पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है और उनकी जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यही वजह है कि 19 अप्रैल का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धार्मिक पंचांगों के अनुसार, 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पूजन और धार्मिक कार्यों का फल अक्षय रहता है। इसी कारण भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया का एक साथ पड़ना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।






