ओडिशा में राकेश टिकैत की गिरफ्तारी पर भड़का किसान आंदोलन, फर्रुखाबाद में किसानों ने सीओ कार्यालय घेरा
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की ओडिशा में गिरफ्तारी के विरोध में फर्रुखाबाद में किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सोमवार देर शाम बड़ी संख्या में किसान सीओ सिटी कार्यालय पहुंचे और वहां धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने फर्श बिछाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और टिकैत की तत्काल रिहाई की मांग उठाई।
भुवनेश्वर में किसान आंदोलन में शामिल होने गए थे टिकैत
जानकारी के अनुसार, राकेश टिकैत ओडिशा के भुवनेश्वर में किसानों के आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि 22 मार्च से वहां किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पैदल मार्च कर राजधानी पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने टिकैत समेत कई किसानों को हिरासत में ले लिया। टिकैत ने खुद भी सोशल मीडिया के जरिए गिरफ्तारी की जानकारी साझा की थी।
फर्रुखाबाद में जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में धरना
फर्रुखाबाद में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में किसान सीओ सिटी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि जब तक राकेश टिकैत की सम्मानपूर्वक रिहाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। नवाबगंज और कम्पिल थाना क्षेत्रों में भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। फर्रुखाबाद में इससे पहले भी अजय कटियार के नेतृत्व में किसान यूनियन कई मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन कर चुकी है।
पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सीओ कार्यालयों और थानों पर धरना दिया जा रहा है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि राकेश टिकैत को जल्द रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों, खासकर मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और हापुड़ में भी किसान सड़कों पर उतर आए हैं।
किसानों ने कहा- आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
धरने में शामिल किसानों ने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज को दबाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। किसान नेताओं का कहना है कि ओडिशा में किसान जल, जंगल, जमीन और स्थानीय समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे थे, जिसका समर्थन करने पहुंचे राकेश टिकैत को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कई जिलों में किसान संगठनों ने साफ कहा है कि टिकैत की रिहाई तक धरना जारी रहेगा।






