हादसे पर अब सीधे कार्रवाई: फर्रुखाबाद में एक्सीडेंट करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस होंगे निरस्त
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फर्रुखाबाद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने साफ निर्देश दिए कि सड़क हादसों में शामिल वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर उनके ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किए जाएं। प्रशासन का मानना है कि लगातार बढ़ रही लापरवाही को रोकने के लिए अब केवल चालान नहीं, बल्कि कठोर दंडात्मक कार्रवाई जरूरी है।
फरवरी में 81 सड़क हादसे, 51 लोगों की गई जान
बैठक में एआरटीओ द्वारा पेश आंकड़ों ने प्रशासन को और अधिक सतर्क कर दिया। फरवरी 2026 तक जिले में 81 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 51 लोगों की मौत हुई। पिछले वर्ष इसी अवधि में 65 सड़क हादसों में 40 लोगों की जान गई थी। यानी एक साल में दुर्घटनाओं और मौतों दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। इसी को देखते हुए डीएम ने पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से सघन प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अनफिट स्कूल वाहनों पर बड़ा अभियान, 130 गाड़ियां फिटनेस फेल
जिले में स्कूलों के नाम पर पंजीकृत 486 वाहनों में से 130 वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा 33 वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने पाए गए हैं, जबकि स्कूली वाहनों के लिए अधिकतम आयु सीमा 15 वर्ष तय है। इतना ही नहीं, 218 स्कूल वाहनों के परमिट भी समाप्त हो चुके हैं। प्रशासन ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत ऐसे सभी वाहनों को जब्त किया जाएगा।
स्कूलों पर भी होगी कार्रवाई, मान्यता रद्द करने तक की तैयारी
डीएम ने बीएसए और डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालयों द्वारा अनफिट और नियमविरुद्ध वाहनों का संचालन किया जा रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर ऐसे स्कूलों की मान्यता समाप्त करने और एफआईआर दर्ज कराने तक की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा सके।
निजी एम्बुलेंस भी जांच के दायरे में, 53 की फिटनेस खत्म
बैठक में निजी एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई गई। वाहन-4 पोर्टल के अनुसार जिले में 110 निजी एम्बुलेंस पंजीकृत हैं, जिनमें से 53 की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। परिवहन विभाग अब तक 3 एम्बुलेंस का चालान कर चुका है, जबकि 2 एम्बुलेंस जब्त की जा चुकी हैं। डीएम ने सीएमओ, पुलिस और परिवहन विभाग को अस्पतालों में संयुक्त जांच अभियान चलाने और नियम तोड़ने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का कड़ा संदेश
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-19 के तहत दुर्घटनाओं में शामिल वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। देश के कई राज्यों में पहले भी लगातार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों और बार-बार चालान वाले वाहन मालिकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में फर्रुखाबाद में भी अब सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है।






