गोरखपुर में गैस संकट: सिलेंडर के लिए रातभर सड़क पर डेरा
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पिपराइच में दिखी बदहाल व्यवस्था की तस्वीर
गोरखपुर जनपद के पिपराइच कस्बे में रसोई गैस संकट ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नगर पंचायत स्थित उजाला भारत गैस एजेंसी पर सोमवार रात से ही सैकड़ों लोग सिलेंडर के लिए लाइन में लग गए। हालात ऐसे रहे कि लोगों को पूरी रात सड़क किनारे सिलेंडर के साथ ही गुजारनी पड़ी।
साप्ताहिक बंदी बनी बड़ी वजह
सोमवार को एजेंसी की साप्ताहिक बंदी होने के कारण एक भी सिलेंडर का वितरण नहीं हुआ। लोगों को उम्मीद थी कि गैस संकट को देखते हुए वितरण किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजा यह हुआ कि मंगलवार को संभावित भीड़ के डर से लोग रात में ही लाइन लगाकर बैठ गए।
80 वर्षीय बुजुर्ग भी मजबूरी में लाइन में
नथुआ गांव के 80 वर्षीय रामदुलारे शर्मा इस संकट की मार झेलने वालों में शामिल हैं। उनका घर एजेंसी से करीब 7 किलोमीटर दूर है। कई दिनों से गैस खत्म होने के कारण उन्हें लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है। मंगलवार को सिलेंडर मिलने की उम्मीद में वह सोमवार रात से ही लाइन में खड़े हो गए।
होम डिलीवरी ठप, लोगों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से बुकिंग कराने के बावजूद होम डिलीवरी नहीं हो रही है। सोहसा गांव और कस्बे के अन्य निवासियों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें एजेंसी तक खुद आना पड़ रहा है और कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है।
जिले में बढ़ सकता है संकट
स्थिति केवल पिपराइच तक सीमित नहीं है। अनुमान है कि गोरखपुर जिले की अन्य गैस एजेंसियों पर भी मंगलवार को भारी भीड़ देखने को मिलेगी। यदि समय रहते आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो यह संकट और गहरा सकता है।
निष्कर्ष: व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना न केवल आपूर्ति तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आम नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए किस हद तक संघर्ष करने को मजबूर हैं। प्रशासन और गैस कंपनियों को तत्काल ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।






