इटावा-बरेली हाईवे पर दर्दनाक हादसा: बिजली के पोल लदी ट्रॉली में घुसी कार, बच्ची की मौत
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इटावा-बरेली हाईवे पर शुक्रवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसे में एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब बिजली के पोल लादे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे चल रही कार अचानक उसमें जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रॉली पर लदे पोल कार के अगले हिस्से को चीरते हुए भीतर तक पहुंच गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, हादसा भाऊपुर खुर्द के पास हुआ। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार कार सवार परिवार शमशाबाद थाना क्षेत्र के रोशनाबाद गांव का रहने वाला था और ईद के मौके पर रिश्तेदारी में जा रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे बिजली के पोल लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार टकरा गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टक्कर के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई।
ऑनलाइन उपलब्ध अन्य रिपोर्ट्स और वीडियो विवरणों में दावा किया गया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पर्याप्त सुरक्षा संकेत, जैसे रेडियम या चेतावनी चिह्न, नहीं लगे थे। इसी वजह से पीछे से आ रहे वाहन को समय रहते खतरे का अंदाजा नहीं हो सका। प्रथम दृष्टया यह लापरवाही हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि पुलिस की औपचारिक जांच के बाद ही दुर्घटना के सही कारण की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
हादसे में बच्ची की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घायलों में महिला और एक बच्ची की हालत गंभीर बताई गई है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए सैफई रेफर किए जाने की सूचना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर बिना रिफ्लेक्टर, रेडियम या चेतावनी संकेतों के भारी और लंबा सामान ढोने वाले वाहनों पर सख्ती नहीं होने से इस तरह की दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने तथा मामले की जांच किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने परिवहन और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं। यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी साबित होती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि रात या शाम के समय चलने वाले ऐसे वाहनों पर रेडियम टेप, इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर बोर्ड और स्पष्ट चेतावनी चिह्न अनिवार्य रूप से होने चाहिए। नियमों की छोटी अनदेखी भी सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।






