हिन्दू नववर्ष पर गूंजा उत्साह: महिलाओं ने संभाली बाइक रैली की कमान, संगोष्ठी में संस्कृति पर जोर
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हिन्दू नववर्ष के अवसर पर क्षेत्र में उत्साह और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जब श्रीमद् भागवत गीता वैदिक न्यास के तत्वावधान में भव्य मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। बुधवार शाम बद्रीविशाल महाविद्यालय से शुरू हुई यह रैली पंडाबाग मंदिर तक निकाली गई, जिसमें विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बाइक रैली में दिखा जोश, महिलाओं की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र
रैली की सबसे खास बात महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में महिलाओं ने स्वयं बाइक चलाकर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया कि परंपराओं और उत्सवों में महिलाओं की भूमिका बराबर और सशक्त है। पूरे मार्ग में जयकारों और भगवा ध्वजों के साथ माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा। इस आयोजन में हिन्दू महासभा, संस्कार भारती, सेवा धाम समिति, भारत विकास परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संगोष्ठी के साथ हुआ समापन, विद्वानों ने रखे विचार
रैली का समापन पांडेश्वर नाथ शिवालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित संगोष्ठी के साथ हुआ। इस दौरान दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वर दास महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि शिव ओम अम्बर, डॉ. सुबोध वर्मा, पतंजलि योग समिति की शिल्पी रस्तोगी और हिन्दू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष विमलेश मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
हिन्दू नववर्ष का महत्व: संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का संदेश
संगोष्ठी में वक्ताओं ने हिन्दू नववर्ष के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने का प्रतीक है। समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन परंपराओं से परिचित कराने का आह्वान किया गया।
सांस्कृतिक चेतना का संदेश बना आयोजन का केंद्र
पूरे आयोजन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और हिन्दू नववर्ष को धूमधाम से मनाने की प्रेरणा देना रहा। रैली और संगोष्ठी के माध्यम से एकता, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया।






