अवैध खनन पर कार्रवाई: ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाने और हमले में 9 नामजद
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फर्रुखाबाद के जहानगंज क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। खनन विभाग की टीम द्वारा पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छुड़ाने और निजी चालकों पर हमला करने के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह घटना 29 अप्रैल की बताई जा रही है, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने का गंभीर आरोप भी शामिल है।
सूचना पर छापेमारी, बिना कागजात मिले वाहन
खनन अधिकारी संजय प्रताप के अनुसार, उन्हें कमालपुर और नगला अनूप में अवैध खनन की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर टीम ने नगला अनूप में मिट्टी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका, लेकिन चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में चालक ने कमालपुर में भी खनन होने की जानकारी दी।
तीन ट्रैक्टर और ‘बुल मशीन’ के साथ खनन का खुलासा
कमालपुर में जांच के दौरान तीन ट्रैक्टर सक्रिय रूप से खनन करते पाए गए, जिनमें एक में बुल मशीन भी लगी हुई थी। दस्तावेजों की जांच में अनियमितता मिलने पर चारों वाहनों को कब्जे में लेकर थाने ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने हमला कर दिया।
हमला कर छुड़ाई गईं दो ट्रॉलियां
नगला अनूप के पास आरोपियों ने खनन विभाग के निजी चालकों पर हमला कर दिया और दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जबरन छुड़ा ले गए। हालांकि, अधिकारी की टीम दो वाहनों को सुरक्षित थाने तक ले जाने में सफल रही। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
संगठित गिरोह के रूप में चल रहा था अवैध खनन
खनन अधिकारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ‘सौ घनमीटर पंजीकरण’ की आड़ में संगठित तरीके से अवैध खनन कर रहे थे। कमालपुर में साधारण मिट्टी का बड़े पैमाने पर अवैध दोहन किया जा रहा था। इस मामले में संबंधित पंजीकरण को भी निरस्त कर दिया गया है।
पुलिस जांच तेज, जल्द गिरफ्तारी के संकेत
प्रकरण में अजीजलपुर निवासी निहाल राजा, आकिब, मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के अरसानी निवासी नारायण राठौर समेत नौ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि छह अन्य अज्ञात भी शामिल हैं। थाना प्रभारी पूनम अवस्थी ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
वैधता के दावे पर भी उठे सवाल
बाद में एक आरोपी द्वारा किसानों के निजी उपयोग के लिए पंजीकरण दिखाया गया, जिसकी वैधता 5 मई तक बताई गई। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस पंजीकरण का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था।
यह मामला न सिर्फ अवैध खनन की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने की बढ़ती घटनाओं पर भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करने की तैयारी में है।






