कन्नौज में राष्ट्रीय पक्षी को पकड़ने की कोशिश, ग्रामीणों ने छुड़ाया मोर
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कन्नौज में राष्ट्रीय पक्षी मोर को पकड़कर झोले में ले जा रहे एक युवक को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना बुधवार दोपहर सदर कोतवाली क्षेत्र के नगरकोटि स्थित कांशीराम कॉलोनी के पास की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने युवक को रोककर उसकी पिटाई कर दी और झोले में बंद मोर को सुरक्षित छुड़ाकर जंगल की ओर छोड़ दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
सुनसान इलाके का फायदा उठाकर किया शिकार का प्रयास
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाजीगंज मोहल्ले से जलालपुर पनवारा की ओर जाने वाली सड़क के दोनों ओर घने बाग-बगीचे हैं, जिसके कारण यह क्षेत्र अक्सर सुनसान रहता है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग पक्षियों का शिकार करने की कोशिश करते हैं। बुधवार को एक बाइक सवार युवक इसी रास्ते पर पहुंचा और सड़क किनारे मौजूद एक मोर को पकड़ लिया। इसके बाद उसने मोर को झोले में डालकर बाइक पर टांग लिया और वहां से निकलने लगा।
ग्रामीणों ने घेरकर रोका, मोर को कराया मुक्त
मोर को पकड़ते हुए देख आसपास के कुछ ग्रामीणों को शक हुआ और वे मौके पर पहुंच गए। लोगों को अपनी ओर आते देख युवक ने बाइक से भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेरकर रोक लिया। गुस्साए लोगों ने युवक की पिटाई कर दी और झोले से मोर को बाहर निकालकर मुक्त कर दिया। इस बीच भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी युवक अपनी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया।
वायरल वीडियो से आरोपी की तलाश
घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है।सदर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार वायरल वीडियो के आधार पर बाइक सवार युवक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपी की पहचान होते ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय पक्षी को पकड़ना गंभीर अपराध
मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और इसे वर्ष 1963 में राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया गया था। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I में शामिल है, जिससे इसे सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्राप्त है।इस कानून के तहत मोर का शिकार करना, पकड़ना या नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 3 से 7 वर्ष तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
बढ़ रही अवैध शिकार की घटनाएं
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मोर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग उनके पंख या मांस के लिए अवैध शिकार करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों की सतर्कता ही कई बार वन्यजीवों की जान बचा लेती है।






