कन्नौज में गैस एजेंसी पर उमड़ी भीड़: सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ता, KYC और डिलीवरी को लेकर उठे सवाल

कन्नौज शहर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी हुई है। मंगलवार को शहर की नंदिनी गैस एजेंसी पर गैस सिलेंडर से भरी गाड़ी पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोगसिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पर जमा हो गए। बुकिंग का मैसेज दिखाने के बाद उपभोक्ताओं को सिलेंडर वितरित किए गए, लेकिन कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बुकिंग के बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

बुकिंग का मैसेज आया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला—उपभोक्ताओं का आरोप

एजेंसी पर पहुंचे कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके मोबाइल पर गैस बुकिंग का मैसेज तो आ गया, लेकिन जब वे सिलेंडर लेने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका सिलेंडर पहले ही डिलीवर हो चुका है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि वास्तविकता में उन्हें कोई सिलेंडर नहीं मिला, जिससे वितरण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

एजेंसी का दावा—सिलेंडर की कमी नहीं, KYC न होने से समस्या

गैस एजेंसी का काम देख रहे अनमोल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी पर सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और हर दिन लगभग 300 सिलेंडरों की सप्लाई मिल रही है।
उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बुकिंग नहीं कराई या KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की, उन्हें बुकिंग और डिलीवरी में दिक्कत आ रही है।दरअसल, एलपीजी कनेक्शन की पहचान सत्यापित करने और फर्जी कनेक्शन रोकने के लिए सरकार ने आधार आधारित e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिससे गैस वितरण व्यवस्था पारदर्शी हो सके।

कांग्रेसी नेता ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता अजय पांडेय ने भी गैस वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका सिलेंडर 28 फरवरी से बुक है, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता और प्रभावशाली लोगों की सिफारिश के बाद ही सिलेंडर मिल पाता है। उन्होंने प्रशासन से इस व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

चार दिनों में आपूर्ति में दिखा सुधार

स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग एक सप्ताह पहले तक गैस सिलेंडर की स्थिति काफी गंभीर थी, लेकिन पिछले चार दिनों से सप्लाई में सुधार देखा जा रहा है और एजेंसियों पर मांग के अनुसार सिलेंडर आने लगे हैं।
हालांकि, अभी तक कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई शुरू नहीं हुई है, जिससे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ऑटो चालकों को आसानी से मिल रही गैस, एजेंसियों पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार शहर में चलने वाले कई ऑटो एलपीजी गैस से संचालित होते हैं। बताया जा रहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि अधिक कीमत देने पर कुछ ऑटो चालकों को सिलेंडर आसानी से मिल जा रहा है।
इस स्थिति ने गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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