हॉर्मुज संकट के बीच भारत को राहत: ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का दिया भरोसा
Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने संकेत दिया है कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर पैदा हुई चिंता कुछ हद तक कम हुई है।
तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक पहल
हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़े सैन्य तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस स्थिति को देखते हुए भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता दिखाई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष से बातचीत कर भारतीय जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। इसके बाद ईरान की ओर से भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का आश्वासन मिलने की जानकारी सामने आई।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल
हॉर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के तेल आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है। अगर इस मार्ग में बाधा आती है तो इसका असर सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत से जुड़े कई जहाज और टैंकर इस क्षेत्र में मौजूद थे और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी। इसी कारण भारत ने ईरान से संपर्क कर सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की कोशिश की।
कुछ भारतीय जहाजों ने पार किया खतरनाक रास्ता
सूत्रों के अनुसार हाल ही में भारत से जुड़े कुछ जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने में सफल रहे हैं। हालांकि क्षेत्र में सैन्य तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और कई अंतरराष्ट्रीय जहाज अभी भी सतर्कता के साथ आवाजाही कर रहे हैं। इसी दौरान एक भारत-गंतव्य तेल टैंकर सुरक्षित रूप से इस समुद्री मार्ग से गुजरकर मुंबई पहुंचा, जिसे इस संकट के बीच सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
युद्ध जैसी स्थिति से बढ़ा खतरा
दरअसल फरवरी के अंत से पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़े हैं। अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में कई जहाजों पर हमले और समुद्री गतिविधियों में भारी गिरावट देखी गई। इससे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक हॉर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात लगभग ठप हो गया था। इस दौरान कुछ जहाजों पर हमले और धमकी की घटनाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित किया। कई जहाज मालिकों ने सुरक्षा कारणों से अपने जहाजों को इस मार्ग से गुजरने से रोक दिया था।
भारत की बढ़ी सतर्कता
स्थिति को देखते हुए भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। जरूरत पड़ने पर नौसेना और अन्य एजेंसियों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसलिए भारत कूटनीतिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
वैश्विक बाजार पर भी नजर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है और यहां किसी भी तरह का संकट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र की स्थिति पर टिकी हुई है। फिलहाल ईरान की ओर से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के संकेत मिलने के बाद भारत के लिए कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।






