शीतला माता मंदिर में उमड़ी आस्था की लहर: अष्टमी पर दर्शन के लिए लगी भक्तों की लंबी कतारें
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चैत्र अष्टमी के पावन अवसर पर कादरी गेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु माता के दर्शन कर भोग-प्रसाद अर्पित करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति की कामना करते नजर आए। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा और पूरे दिन दर्शन का सिलसिला जारी रहा।
रोगों से रक्षा की आस्था से जुड़ा है अष्टमी का पर्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला की पूजा करने से चेचक, खसरा और अन्य मौसमी रोगों से रक्षा होती है। देवी शीतला को रोगों से मुक्ति देने वाली देवी माना जाता है और उत्तर भारत में यह पर्व विशेष आस्था के साथ मनाया जाता है।
मौसम बदलने के समय विशेष रूप से महिलाएं और परिवार अपने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए माता के चरणों में भोग अर्पित कर पूजा-अर्चना करते हैं।
डेढ़ से दो सौ वर्ष पुराने मंदिर में उमड़ती है हर साल भीड़
बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर लगभग दो सौ वर्ष पुराना है और यहां दूर-दराज के जिलों से भी श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
हर वर्ष चैत्र अष्टमी के अवसर पर यहां विशेष भीड़ देखने को मिलती है। इस दिन मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बन जाता है और श्रद्धालु भोग-प्रसाद चढ़ाकर माता से मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु, मंदिरों में दिनभर लगा रहा तांता
अष्टमी के अवसर पर फर्रुखाबाद सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दोपहर और शाम तक जारी रहा।
वहीं गुड़गांव देवी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। दोपहर करीब तीन बजे तक मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बनी रही और लोग श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए।
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। महिला पुलिसकर्मियों सहित कई पुलिसकर्मी तैनात किए गए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की निगरानी में भक्त शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन करते रहे और पूरे दिन मंदिर परिसर में आस्था का माहौल बना रहा।






