ग्रेटर नोएडा में LPG संकट की आहट: सप्लाई पर रोक से 4 लाख PNG उपभोक्ता और 35 हजार MSME इकाइयाँ प्रभावित

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संवाद 24 नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर नई चिंता सामने आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश के बाद वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण पर रोक लगा दी गई है, जिससे इलाके के लाखों उपभोक्ताओं और उद्योगों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार इस फैसले से लगभग चार लाख पीएनजी (PNG) उपभोक्ता और 35 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ प्रभावित हो सकती हैं।

एलपीजी वितरण पर लगी रोक
जानकारी के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश के बाद क्षेत्र में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है। यह निर्णय गैस आपूर्ति के संतुलन और प्राथमिकता तय करने के उद्देश्य से लिया गया बताया जा रहा है। एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, ढाबे, छोटे रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें और अन्य छोटे कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे अधिकांश व्यवसाय खाना पकाने और अन्य कामों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर रहते हैं।

MSME सेक्टर पर पड़ सकता है असर
ग्रेटर नोएडा और नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम उद्योग (MSME) काम करते हैं। गैस आपूर्ति में व्यवधान आने से इन इकाइयों की उत्पादन गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि करीब 35 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ इस क्षेत्र में काम कर रही हैं, जिनमें से कई गैस आधारित प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करती हैं। यदि एलपीजी की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है तो उत्पादन लागत बढ़ सकती है और उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन की तलाश करनी पड़ सकती है।

PNG उपभोक्ताओं में भी बढ़ी चिंता
क्षेत्र में लगभग चार लाख पीएनजी उपभोक्ता भी हैं, जो पाइप्ड नेचुरल गैस के जरिए अपने घरों और व्यवसायों में गैस का उपयोग करते हैं। हालांकि फिलहाल PNG सप्लाई जारी है, लेकिन एलपीजी संकट की खबरों के बाद उपभोक्ताओं में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ता है तो इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से पीएनजी सेवाओं पर भी पड़ सकता है, हालांकि अभी तक ऐसी स्थिति सामने नहीं आई है।

गैस एजेंसियों और उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
एलपीजी की सप्लाई रुकने की खबर सामने आने के बाद गैस एजेंसियों और उपभोक्ताओं के बीच भी हलचल देखी जा रही है। कई व्यापारी और छोटे कारोबारी वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुट गए हैं ताकि उनके कामकाज पर ज्यादा असर न पड़े। गैस एजेंसियों का कहना है कि उन्हें मंत्रालय से मिले निर्देशों के अनुसार ही वितरण करना पड़ रहा है और आगे की स्थिति सरकारी आदेशों पर निर्भर करेगी।

स्थिति पर प्रशासन की नजर
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य हो जाती है तो इसका असर सीमित रहेगा, लेकिन यदि संकट लंबा चला तो इसका असर व्यापार, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जा सकता है। फिलहाल ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र के लोग और कारोबारी इस उम्मीद में हैं कि गैस सप्लाई जल्द सामान्य होगी और दैनिक गतिविधियाँ बिना किसी बाधा के जारी रह सकेंगी।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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