दोहरे हत्याकांड की जांच पर सवाल: मोहल्लेवासियों ने एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार
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कायमगंज नगर के मोहल्ला कूंचा में हुए चर्चित वृद्ध दंपत्ति हत्याकांड की जांच अब विवादों में घिरती दिखाई दे रही है। सोमवार को बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी तहसील पहुंचे और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी को सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। उनका कहना है कि पुलिस जांच के नाम पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही है, जिससे पूरे मोहल्ले में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
दिनदहाड़े हुई थी वृद्ध दंपत्ति की हत्या, इलाके में मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि 26 फरवरी को कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कूंचा में 70 वर्षीय पुरुषोत्तम कौशल और उनकी पत्नी पुष्पा देवी की घर के भीतर ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। दंपत्ति घर में अकेले रहते थे और घटना का खुलासा तब हुआ जब दूध देने पहुंचे एक युवक ने घर के अंदर दोनों के शव पड़े देखे। प्रारंभिक जांच में घर का सामान बिखरा मिला, जिससे हत्या के पीछे लूटपाट या किसी परिचित व्यक्ति की भूमिका की आशंका भी जताई गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय टीमों के साथ सर्विलांस और एसओजी को भी जांच में लगाया है, ताकि हत्यारोपियों का जल्द पता लगाया जा सके।
पूछताछ के नाम पर हो रही प्रताड़ना मोहल्लेवासियों का आरोप
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि घटना के बाद से पुलिस बार-बार उन्हें थाने बुलाकर पूछताछ कर रही है। उनका कहना है कि कई लोगों के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है और मारपीट तक की शिकायतें सामने आई हैं। इससे पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया है।
तहसील पहुंची महिलाओं ने बताया कि वे पानी-बताशे, पापड़ी, मुरमुरा और पट्टी जैसे छोटे-मोटे सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनका कहना है कि रोज-रोज थाने बुलाए जाने से उनका रोजगार भी प्रभावित हो रहा है और वे आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना कर रही हैं।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और निर्दोषों को राहत की मांग
मोहल्लेवासियों ने उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में मांग की कि हत्या की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और जांच के दौरान निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए।वहीं पुलिस का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ करना जांच प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले में पूरी संवेदनशीलता बरती जा रही है और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।






