होली की खुशियां मातम में बदलीं: सारण में गंडक नदी की लहरों ने छीन ली दो जिंदगी, त्योहार के रंग में घुला गम का जहर
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संवाद 24 बिहार। सारण जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां होली के पावन पर्व की खुशियां देखते ही देखते चीख-पुकार में बदल गईं। जिले के मढ़ौरा और आसपास के क्षेत्रों में उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब खबर आई कि गंडक नदी में स्नान करने गए दो लोग—एक किशोरी और एक महिला—नदी की तेज धार में समा गए। यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए कभी न खत्म होने वाला जख्म बन गई है, जो सुबह तक अबीर-गुलाल के साथ त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे थे।
नहाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, सारण जिले के विभिन्न घाटों पर होली के अवसर पर लोग पारंपरिक रूप से स्नान करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मढ़ौरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में कुछ लोग नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान, पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण एक किशोरी अचानक डूबने लगी। उसे बचाने की कोशिश में एक महिला ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि वह भी खुद को संभाल नहीं पाई और दोनों गहरे पानी में विलीन हो गए। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई। काफी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में छाया सन्नाटा
जैसे ही मृतकों के शव उनके घर पहुंचे, पूरे गांव में कोहराम मच गया। होली के गीत और ढोलक की थाप की जगह अब वहां महिलाओं के विलाप की आवाजें सुनाई दे रही थीं। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन हाथों में गुलाल होना चाहिए था, वहां अब अपनों को खोने का दुख है। गांव के लोगों ने बताया कि मृतका अपने परिवार का सहारा थी और किशोरी के उज्जवल भविष्य के सपने पल भर में नदी की लहरों में बह गए।
प्रशासन की अपील और सुरक्षा पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और लोगों से अपील की है कि वे नदियों और जलाशयों के पास सावधानी बरतें। स्थानीय निवासियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए और खतरनाक गहराई वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए। सारण में हुई इस त्रासदी ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं की ओर इशारा किया है।






