माफिया की कब्जाई जमीन पर गरीबों को मिला आशियाना: बुलडोजर न्याय का बड़ा परिणाम
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संवाद 24 (डेस्क)।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई का असर अब जमीनी तौर पर साफ दिखने लगा है। पूर्वांचल और अवध के कई जिलों में माफिया, अपराधियों और कब्जेदारों से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन अब गरीब और जरूरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध कराने में उपयोग हो रही है। प्रदेश सरकार ने इन जमीनों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बहुमंजिला आवासीय भवन तथा कॉलोनी विकसित कर गरीबों को अपना घर देने की पहल तेज कर दी है।
राज्य सरकार के अनुसार, माफिया के कब्जे से अब तक लगभग 60 लाख वर्गमीटर से अधिक भूमि छुड़ाई जा चुकी है। पहले इन जमीनों पर अवैध निर्माण, आपराधिक गतिविधियों और माफिया का दखल था। लेकिन अब यही जमीन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास में उपयोग हो रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण सहित अन्य विकास प्राधिकरणों ने ऐसे कई स्थलों पर बहुमंजिला आवास बनाकर गरीब परिवारों के लिए आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कई जिलों में इस मॉडल की सफलता के बाद, सरकार ने 2023-24 में इसे और व्यापक स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया है। माफिया से मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीब वर्ग को आवास देकर न केवल उनकी जीवन परिस्थितियों में सुधार लाया जा रहा है, बल्कि अपराध और अवैध कब्जों पर भी प्रभावी रोक लगाई जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ और मेरठ सहित कई जिलों में अब तक सैकड़ों परिवारों को आवास की चाबी सौंप दी गई है। प्रभावित परिवारों ने इसे ‘आजीवन सुरक्षा’ और ‘सम्मानजनक पुनर्वास’ बताते हुए सरकार के इस कदम की सराहना की है।
राज्य सरकार का कहना है कि “बुलडोजर सिर्फ तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि जनता को उनका अधिकार दिलाने का प्रतीक बन चुका है।” आगे भी ऐसे मामलों में यह अभियान जारी रहेगा, जिससे राज्य में भूमि माफिया पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जा सके।






