लक्ष्य से आगे निकली धान खरीद: फर्रुखाबाद में 115.85% रिकॉर्ड, 1,901 मीट्रिक टन अतिरिक्त खरीद
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद फर्रुखाबाद में इस वर्ष धान खरीद अभियान ने निर्धारित लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। सरकारी क्रय केंद्रों पर कुल 13,901.48 मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जो निर्धारित 12,000 मीट्रिक टन लक्ष्य का 115.85 प्रतिशत है। यानी लक्ष्य से लगभग 1,901 मीट्रिक टन अधिक धान की खरीद की गई। निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद शनिवार से सभी क्रय केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया बंद कर दी गई है।
जनपद में धान की सरकारी खरीद के लिए 19 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। खरीद प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी तक चली। इस दौरान धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था। 26 फरवरी तक 2,368 किसानों से धान खरीदा जा चुका था और अंतिम दिनों में खरीद की रफ्तार तेज होने से लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया गया।
अभियान के शुरुआती चरण में खरीद काफी सुस्त रही। कारण यह रहा कि धान में नमी अधिक होने तथा गुणवत्ता मानकों के कारण कई किसानों की उपज तुरंत स्वीकार नहीं की जा रही थी। दूसरी ओर बाजार में भाव कमजोर होने से अनेक किसानों ने आढ़तों पर कम कीमत में ही धान बेच दिया। मौसम साफ होने और धान की नमी कम होने के बाद जब फसल मानकों पर खरी उतरने लगी, तब सरकारी केंद्रों पर खरीद तेज हो गई और अभियान ने गति पकड़ ली।
खाद्य विभाग (8 केंद्र): लक्ष्य 6,500 मीट्रिक टन के मुकाबले7,021.59 मीट्रिक टन खरीद (108.02%)पीसीएफ (9 केंद्र): लक्ष्य4,500मीट्रिक टन के मुकाबले 5,107.85 मीट्रिक टन खरीद(113.51%)एफसीआई (2 केंद्र): लक्ष्य 1,000 मीट्रिक टन के मुकाबले 1,772 मीट्रिक टन खरीद (177.20%) — सर्वाधिक उपलब्धि
डिप्टी आरएमओ रोली सिंह के अनुसार शासन के निर्देशानुसार 28 फरवरी तक ही खरीद की अनुमति थी, जिसके बाद क्रय केंद्र बंद कर दिए गए। उन्होंने बताया कि जिले में धान खरीद का लक्ष्य सफलतापूर्वक पार कर लिया गया है और अंतिम दिनों की खरीद जुड़ने से कुल प्रतिशत और भी बेहतर हुआ।
इस बार की खरीद से यह संकेत मिला है कि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप फसल तैयार होने पर सरकारी खरीद किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बन सकती है। हालांकि शुरुआती चरण में प्रक्रियागत शर्तें किसानों के लिए चुनौती बनीं, लेकिन अंततः बड़ी संख्या में किसानों को एमएसपी का लाभ मिला।जनपद में लक्ष्य से अधिक खरीद कृषि तंत्र, प्रशासनिक समन्वय और मौसम की अनुकूलता तीनों के संयुक्त परिणाम के रूप में देखी जा रही है।






