जानिए 04 नवंबर 2025 का अद्भुत वैदिक सनातन पंचांग शुभ समय, व्रत और विशेष नियम जो बदल सकते हैं आपका दिन
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संवाद 24 (संजीव सिंह)
???? कालगणना
कलियुग संवत: 5127
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
संवत्सर: सिद्धार्थ
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: हेमंत
???? मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास: कार्तिक
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: मंगलवार
तिथि: चतुर्दशी – रात्रि 10:36 तक
???? नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र: रेवती – प्रातः 10:37 तक
योग: वरियान – दोपहर 2:04 तक
करण:
प्रथम – गर
द्वितीय – वणिज
???? सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय: प्रातः 06:10 (म.स.)
सूर्यास्त: सायं 05:13 (म.स.)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:34 से 05:22 तक
राहुकाल: दोपहर 02:33 से 03:56 तक
दिशा शूल: उत्तर दिशा
भद्रा: रात्रि 09:07 से प्रारंभ
मूल: सम्पूर्ण दिवस
पंचक: प्रातः 10:37 तक
???? व्रत एवं पर्व विवरण
आज का विशेष पर्व: काशी विश्वेश्वर प्रतिष्ठा दिवस
???? विशेष जानकारी
???? ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड 27.29–34) के अनुसार – चतुर्दशी तिथि के दिन तिल के तेल का लेप या सेवन वर्जित माना गया है।


