बब्बन दुबे के जेल जाते ही प्रशासन सक्रिय, एसडीएम को मिला ब्लॉक संचालन का जिम्मा
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। जनपद फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद ब्लॉक में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को विशेष कदम उठाने पड़े हैं। ब्लॉक प्रमुख अमित कुमार दुबे उर्फ बब्बन दुबे के जेल भेजे जाने के बाद ब्लॉक स्तर के विकास एवं विभागीय कार्य ठप पड़ने लगे थे। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से एसडीएम सदर को ब्लॉक के कार्यों का प्रभार सौंप दिया है, ताकि योजनाओं का संचालन और सरकारी कार्य बाधित न हों।
जानकारी के अनुसार, राज्य स्तर पर चिन्हित माफिया अनुपम दुबे सहित 11 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने 13 फरवरी को कार्रवाई करते हुए अनुराग कुमार उर्फ अनुराग दुबे उर्फ डब्बन सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
इस कार्रवाई में ब्लॉक प्रमुख अमित कुमार दुबे उर्फ बब्बन दुबे, महेंद्र कटियार, विनीत दुबे उर्फ बीनू, धर्मेंद्र चतुर्वेदी उर्फ पप्पू तथा आदेश सिंह समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। सभी आरोपियों के विरुद्ध संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप हैं और मामले की विवेचना जारी है।
ब्लॉक प्रमुख के जेल जाने के बाद मोहम्मदाबाद ब्लॉक में कई प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्य प्रभावित होने लगे थे। पंचायत स्तर पर स्वीकृत योजनाओं, भुगतान प्रक्रियाओं, बैठकों और विभागीय अनुमोदनों में बाधा उत्पन्न हो रही थी। ग्राम पंचायतों और विभागीय कर्मचारियों को आवश्यक आदेश एवं स्वीकृतियां नहीं मिल पा रही थीं, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन में देरी होने लगी।
स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर एसडीएम सदर को मोहम्मदाबाद ब्लॉक के कार्यों के संपादन हेतु नामित किया है। अब ब्लॉक कार्यालय से संबंधित सभी प्रशासनिक, वित्तीय एवं विकास कार्य एसडीएम की देखरेख में कराए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और इसका उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं को बाधित होने से बचाना तथा ग्रामीण जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। गैंगस्टर एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई कानून के दायरे में है और दोषियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।
फिलहाल प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित होने से उम्मीद है कि मोहम्मदाबाद ब्लॉक में लंबित विकास कार्यों की प्रक्रिया पुनः गति पकड़ सकेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जा सकेगा।






