बरात में बवाल: शराब मिला रायता बना विवाद की वजह, पथराव में कई वाहन क्षतिग्रस्त
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संवाद 24 संवाददाता। जिले के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव रामपुर ढपरपुर में शनिवार रात एक शादी समारोह उस समय तनावपूर्ण माहौल में बदल गया, जब बरातियों और घरातियों के बीच मामूली बात से शुरू हुआ विवाद मारपीट और पथराव तक पहुंच गया। घटना में कई वाहनों के शीशे टूट गए, जबकि पुलिस को दूल्हे सहित दोनों पक्षों के लोगों को थाने ले जाकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव राजेपुर टप्पामंडल के मजरा नगला रूप निवासी योगेश राजपूत की बरात शनिवार रात रामपुर ढपरपुर गांव पहुंची थी। द्वारचार की रस्म पूरी होने के बाद बराती भोजन कर रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों द्वारा कथित रूप से बरातियों को शराब मिला रायता परोस दिया गया।
बरातियों ने इसका विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। कुछ ही देर में लाठी-डंडे चलने लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव से बरात में अफरा-तफरी मच गई। इसमें बरातियों की कई कारों के शीशे टूट गए। राजीव दुबे, भगवान दास और सतेंद्र सहित कई लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ लोग मौके से कार लेकर निकल गए, जबकि दो वाहन थाने में खड़े करा दिए गए।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में लिया। पुलिस ने दूल्हे सहित कई बरातियों और घरातियों को हिरासत में लेकर थाने बैठा लिया, जिससे रात भर शादी की रस्में प्रभावित रहीं।
रात करीब दो बजे पुलिस दूल्हे को रम्पुरा ले गई, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच विवाह की शेष रस्में पूरी कराई गईं। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय तक तनाव बना रहा, लेकिन पुलिस की सक्रियता से स्थिति सामान्य कर ली गई।
पुलिस ने दोनों पक्षों के आठ लोगों—हिमांशु, अनमोल राजपूत, शिवम, अमन कुमार, अमन, विजयकुमार,अजयकुमारऔरपंकजयादवकेखिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की।थानाध्यक्ष अजब सिंह के अनुसार बरातियों और घरातियों के बीच विवाद बढ़ने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। वाहनों में हुए नुकसान के मामले में दोनों पक्षों के बीच थाने में लिखित समझौता भी हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी-समारोह जैसे पारिवारिक आयोजनों में छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ना चिंताजनक है। प्रशासन का मानना है कि आयोजकों को संयम और जिम्मेदारी के साथ कार्यक्रमों का संचालन करना चाहिए, ताकि ऐसे कार्यक्रमों की गरिमा बनी रहे और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।






