कासगंज में दिल दहलाने वाला कांड: बंद घर से पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव बरामद

संवाद 24 कासगंज। अमांपुर क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव बंद मकान से मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला पति द्वारा पत्नी और तीन बच्चों की हत्या के बाद आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।

शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक घर कई दिनों से बंद है और अंदर से किसी प्रकार की हलचल नहीं हो रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि मकान अंदर से बंद था। दरवाजे पर लगे ताले को तोड़ने और गेट को कटर से काटने के बाद पुलिस टीम अंदर प्रवेश कर सकी। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।

पुलिस के अनुसार 45 वर्षीय सत्यवीर का शव छत के कुंडे से साड़ी के फंदे पर लटका मिला। पत्नी रामश्री (40) का शव घर के अंदर दूसरे स्थान पर पड़ा मिला, जिनके गले पर निशान पाए गए। तीनों बच्चों—प्राची (14), आकांक्षा (13) और गिरीश (10)—के शव भी घर के अंदर मिले। प्रारंभिक जांच में बच्चों को किसी विषाक्त पदार्थ के सेवन की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

पड़ोसियों से पूछताछ में सामने आया कि परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। घर में चूल्हा बुझा हुआ था और सामान्य घरेलू सामान भी सीमित मात्रा में मिला। बताया गया कि बेटा गिरीश लंबे समय से बीमार था, जिससे परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ गया था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी प्रकार का कर्ज या अन्य कारण तो इस घटना की वजह नहीं बने।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गांव में शोक की लहर

एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं, जबकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील की है।


(नोट: यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या संकट से गुजर रहा है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करना अत्यंत आवश्यक है। समय पर सहायता जीवन बचा सकती है।)

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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