गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे होगा सिक्स लेन, बिजनौर में भूमि अधिग्रहण की तैयारी तेज

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संवाद 24 बिजनौर। उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 700 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित सिक्स लेन एक्सप्रेसवे के लिए संबंधित जिलों में प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बिजनौर जनपद में भूमि अधिग्रहण से पहले आवश्यक राजस्व संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

यह परियोजना प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल है। एक्सप्रेसवे मुरादाबाद और अमरोहा से होते हुए नूरपुर, नहटौर, बरूकी, किरतपुर और मंडावर क्षेत्र से गुजरते हुए मुजफ्फरनगर की सीमा में प्रवेश करेगा। बिजनौर में मंडावर क्षेत्र के ग्राम रामजीवाला के सामने गंगा नदी पर लगभग 2,750 मीटर लंबा पुल प्रस्तावित है।

स्थानीय प्रशासन ने जिन गांवों से एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित मार्ग गुजरना है, उनकी सूची तैयार कर ली है। संबंधित गांवों की गाटा संख्या और अन्य राजस्व अभिलेखों का संकलन किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण से पहले सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, ताकि आगे निर्माण कार्य में बाधा न आए।

परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। निर्माण कार्य पूर्ण करने की समयसीमा वर्ष 2028-29 निर्धारित की गई है।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे प्रदेश के कई प्रमुख मार्गों से जुड़ाव स्थापित करेगा। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। इससे पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच आवागमन सुगम होगा।

यह एक्सप्रेसवे बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और गोरखपुर जिलों को जोड़ेगा। परियोजना के पूरा होने पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन लागत घटेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

एक्सप्रेसवे बनने से भारी वाहनों का दबाव शहरों से कम होगा, जिससे जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और औद्योगिक निवेश के नए अवसर खुलेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी जाएगी।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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