उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान तीखी नोकझोंक
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान गुरुवार को सदन का माहौल उस समय गरमा गया, जब विकास कार्यों का श्रेय लेने को लेकर अध्यक्ष और मंत्री के बीच तीखी टिप्पणी हुई। अध्यक्ष सतीश महाना ने कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को दो टूक शब्दों में नसीहत देते हुए कहा कि विकास कार्य करवाना सरकार की जिम्मेदारी है, इसे गिनाने की आवश्यकता नहीं है।
प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी ने वाराणसी में मंडी समिति के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और कार्रवाई की स्थिति को लेकर सवाल उठाया। जवाब देते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने विभागीय उपलब्धियां गिनानी शुरू कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य कराए हैं और संबंधित क्षेत्रों की सूची भी उपलब्ध कराई है।
मंत्री की ओर से यह भी कहा गया कि उन्होंने अध्यक्ष के क्षेत्र में भी कार्य कराए हैं। इस पर अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़े लहजे में कहा, “अगर आपको काम नहीं करवाना है तो आप वहां क्यों हैं? काम करवाना आपकी जिम्मेदारी है। मेरे को क्यों गिना रहे हो, बाकी लोगों को गिना दीजिए।” अध्यक्ष की इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर के लिए माहौल असहज हो गया।
इसी दौरान पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेन्द्र कश्यप को भी अध्यक्ष की नाराजगी का सामना करना पड़ा। अध्यक्ष के मना करने के बावजूद लगातार बोलने पर महाना ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे नहीं बैठेंगे तो उनका माइक बंद करा दिया जाएगा।
घटना के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी, लेकिन प्रश्नकाल के दौरान हुई इस तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।






