फर्रुखाबाद में यूजीसी के विरोध में ज्ञापन, प्रधानमंत्री से की गई आयोग समाप्त करने की मांग
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संवाद 24 संवाददाता। गुरुवार को जनतंत्र क्रांति मोर्चा (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मोर्चा पदाधिकारियों ने यूजीसी को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी से जुड़े कानूनों के माध्यम से देश में वैचारिक और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मोर्चा का आरोप है कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर के बजाय जातिगत आधार पर नीतियां लागू की जा रही हैं, जिससे प्रतिभा की उपेक्षा हो रही है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसी व्यवस्था के खिलाफ हैं जो योग्यता के बजाय जाति को प्राथमिकता देती है।
इस मौके पर कृष्ण कुमार पांडे, देवेंद्र सिंह और संजीव गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने जातिगत आरक्षण को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि राजनीतिक दल आरक्षण को एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बनाकर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था सामाजिक समरसता के लिए घातक साबित हो रही है।
जनतंत्र क्रांति मोर्चा के संस्थापक उत्तम कुमार मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि जब शिक्षा, कोचिंग और आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता सभी के लिए समान है, तो जातिगत आरक्षण का औचित्य समाप्त हो जाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नौकरियों और उच्च शिक्षा में चयन का आधार केवल प्रतिभा और योग्यता होनी चाहिए। मिश्रा ने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि जरूरतमंदों को सहायता मिलनी चाहिए, न कि जाति के आधार पर लाभ दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और शिक्षा व रोजगार से जुड़ी नीतियों में व्यापक सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगी।






