यूपी बोर्ड परीक्षा: गोंडा-आगरा समेत 18 जिलों के अतिसंवेदनशील केंद्रों पर कड़ी निगरानी
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संवाद 24 लखनऊ।प्रदेश में 18 फरवरी से शुरू हो रही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। गोंडा, आगरा सहित 18 अतिसंवेदनशील जिलों में स्थित परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों का प्रतिदिन दो बार निरीक्षण कराया जाएगा।
परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से नकल पर रोक लगाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसके परिणामों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि परीक्षा से पहले सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर पूरी तरह क्रियाशील हों। राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल व मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित कर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की निगरानी विशेष कार्य बल (STF) और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष नियमित रूप से पेट्रोलिंग करेंगे
परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस वर्ष सभी जिलों में मुख्य विषयों के प्रश्नपत्रों के रिजर्व सेट्स की व्यवस्था की गई है ताकि किसी आपात स्थिति में परीक्षा प्रभावित न हो। साथ ही अधिकारियों को जनसुनवाई के लिए समय से कार्यालय में उपस्थित रहने और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए गए हैं।






