
संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में मंगलवार सुबह मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि दिन में ही रात का एहसास होने लगा। सुबह करीब नौ बजे आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और शहर की रफ्तार थम सी गई। बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दिन के उजाले में अंधेरा छा गया। दफ्तर, स्कूल और बाजार जाने वाले लोग जहां-तहां रुकने को मजबूर हो गए। तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। ठंड का असर इस कदर रहा कि कई इलाकों में लोग अलाव जलाकर बैठे नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम में सामान्य से कम है।
पश्चिमी विक्षोभ बना बदलाव की वजह
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक देर रात पश्चिमी विक्षोभ और एक एंटी साइक्लोन के आपस में मिलने से बादलों की श्रृंखला बनी। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी युक्त हवाएं सक्रिय रहीं, जिसने बारिश की स्थिति को और मजबूत कर दिया।
लगातार बारिश के चलते दिन के तापमान में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है।
बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग ने कानपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों औरैया, हमीरपुर, कन्नौज, कानपुर देहात और उन्नाव में भी बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। अचानक बदले इस मौसम ने जहां लोगों को ठंड का एहसास कराया, वहीं किसानों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे होने वाली बारिश और ओलावृष्टि फसलों पर क्या असर डालेगी।






