मानदेय और सम्मान की मांग, सीएमओ कार्यालय पर आशाओं का अनिश्चितकालीन धरना
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संवाद 24 संवाददाता। आशा कार्यकर्ताओं का धरना लगातार तेज होता जा रहा है। 15 दिसंबर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर चल रहे इस आंदोलन में अब सीएमओ के तबादले की मांग भी जोड़ दी गई है। आशा कार्यकर्ता राज्य कर्मचारी का दर्जा, एकमुश्त मानदेय और अन्य लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं।
सोमवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पर एकत्र हुईं और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी आशाओं का आरोप है कि सीएमओ द्वारा उनके प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे वे आहत हैं। इसी आरोप के आधार पर आशा कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
घटना के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव भी किया। हालांकि, इसके कुछ समय बाद सीएमओ अवकाश पर चले गए, लेकिन इससे आंदोलन की धार कम नहीं हुई। सीएमओ की अनुपस्थिति के बावजूद कार्यालय परिसर में आशा कार्यकर्ताओं का धरना लगातार जारी है।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो राज्य कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सम्मानजनक मानदेय। उनकी मांग है कि सरकार उन्हें स्थायी सुरक्षा, सामाजिक लाभ और आर्थिक स्थिरता प्रदान करे। इसके साथ ही अन्य लंबित मांगों का भी शीघ्र समाधान किया जाए।
प्रदर्शनकारी आशाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।






