मोदीनगर में फर्जी पते पर 22 पासपोर्ट जारी, पुलिस सत्यापन प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
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संवाद 24 गाजियाबाद। मोदीनगर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ फर्जी पतों के आधार पर 22 पासपोर्ट जारी कर दिए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये पासपोर्ट ऐसे गांवों के पते पर बने हैं, जहाँ संबंधित समुदाय का कोई भी परिवार निवास नहीं करता।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पासपोर्ट मुस्लिम बहुल भोजपुर और त्योड़ी गांवों के पतों पर जारी किए गए हैं, जबकि दस्तावेजों में आवेदकों को सिख समुदाय से बताया गया है। स्थानीय स्तर पर जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि इन गांवों में एक भी सिख परिवार निवासरत नहीं है।
मामले में सबसे गंभीर पहलू पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में हुई लापरवाही को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सत्यापन के दौरान न तो भौतिक जांच की गई और न ही स्थानीय जानकारी जुटाने का प्रयास हुआ। कागजों के आधार पर ही रिपोर्ट सकारात्मक कर दी गई, जिसके चलते पासपोर्ट जारी हो गए।
प्रकरण सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हलचल मच गई है। संभावना जताई जा रही है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह लापरवाही थी या फिर किसी संगठित गिरोह की भूमिका भी इसमें शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पासपोर्ट जैसे संवेदनशील दस्तावेजों में इस प्रकार की चूक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे मामलों में न केवल संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है, बल्कि सत्यापन प्रणाली को भी अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है।






