बीमा क्लेम में देरी पड़ी भारी, आयोग के आदेश से 45 दिन में भुगतान अनिवार्य
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संवाद 24 संवाददाता। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ट्रक बीमा क्लेम के एक लंबे समय से लंबित मामले में बीमा कंपनी के रवैये को सेवा में गंभीर कमी मानते हुए कड़ी टिप्पणी की है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद वर्षों तक दावा न निपटाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। इस आधार पर बीमा कंपनी को 45 दिनों के भीतर क्लेम का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के खिमसेपुर मरहाला निवासी रामबक्श ने वर्ष 2013 में एक ट्रक खरीदकर उसका बीमा कराया था। बीमा पॉलिसी की वैधता 31 मार्च 2013 से 30 अप्रैल 2014 तक थी। इसी अवधि में 15 अक्तूबर 2013 को छत्तीसगढ़ के बतौली क्षेत्र में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर पुल के नीचे गिर गया, जिससे वाहन को भारी नुकसान हुआ।
परिवादी ने दुर्घटना की सूचना तत्काल संबंधित थाने और बीमा कंपनी को दी। बीमा कंपनी द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण भी कराया गया। इसके बाद ट्रक को गाजियाबाद स्थित अधिकृत वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले जाया गया, जहां लगभग चार लाख रुपये का खर्च आया। रामबक्श ने बीमा क्लेम के लिए सभी जरूरी दस्तावेज समय से जमा किए, बावजूद इसके बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया।
मामले की सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि प्रकरण पोषणीय नहीं है और दस्तावेजों के सत्यापन में दिक्कतें हैं। हालांकि आयोग के समक्ष वह अपने तर्कों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। आयोग ने यह भी पाया कि बीमा कंपनी के कथन आपस में विरोधाभासी हैं, जिससे उसका बचाव कमजोर सिद्ध हुआ।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, फर्रुखाबाद के अध्यक्ष नरेश कुमार तथा सदस्य नाजरीन बेगम और विपिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने बीमा कंपनी को 45 दिनों के भीतर क्लेम का निस्तारण करने का आदेश दिया। इसके साथ ही मानसिक क्षति के लिए 5,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 3,000 रुपये देने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश का पालन न होने की स्थिति में बीमा कंपनी को देय राशि पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
यह फैसला उपभोक्ताओं के हित में एक अहम संदेश देता है कि बीमा कंपनियां दावों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं कर सकतीं और नियमों की अनदेखी पर उन्हें आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।






