माघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट पर आस्था का सैलाबसुबह 3 बजे से शुरू हुआ गंगा स्नान, 10 बजे तक हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
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संवाद 24 संवाददाता। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक माह से चल रहे मेला रामनगरिया के समापन चरण में रविवार को सुबह 3 बजे से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तक लगभग 35 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
गंगा तट पर दिनभर धार्मिक गतिविधियों का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण कथा, यज्ञ, भंडारों का आयोजन किया। कई परिवारों ने बच्चों के मुंडन संस्कार कराए, जबकि अनेक भक्तों ने दीप-जोति प्रज्ज्वलित कर पुण्य अर्जित किया। माघ माह में कल्पवास कर रहे विभिन्न जिलों के श्रद्धालुओं के साथ उनके परिजन और साधु-संत भी विशेष रूप से माघी पूर्णिमा पर घाट पहुंचे।
मेले में झूलों और दुकानों पर चहल-पहल बनी रही। कई स्थानों पर कन्या भोज का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों से गंगा स्नान के लिए पहुंचे और स्नान के बाद लौटते नजर आए। भक्तों ने संतों से आशीर्वाद लिया और भंडारों में प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक अनुष्ठानों की कड़ी में बच्चा स्वामी क्षेत्र में स्वामी शिव स्वरूप बच्चा बाबा द्वारा आयोजित शतचंडी महायज्ञ का पूर्ण आहुति के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों ने आहुति देकर यज्ञ में सहभागिता की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बाजार क्षेत्र और घाटों पर वॉच टावर बनाए गए, जिनसे पुलिसकर्मी भीड़ पर लगातार नजर रखे रहे। प्रत्येक घाट पर पुलिस बल तैनात रहा। नावों के माध्यम से जल क्षेत्र की निगरानी की गई और दूरबीनों से स्थिति पर सतत नजर रखी गई।
भीड़ के बीच कुछ अप्रिय घटनाएं भी हुईं। शाहजहांपुर निवासी रेखा अपने पति सुबोध के साथ गंगा स्नान के दौरान कान से कुंडल गिर जाने की शिकायत लेकर सामने आईं। काफी खोजबीन के बावजूद कुंडल नहीं मिल सका।
कुल मिलाकर माघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट और मेला रामनगरिया में आस्था, श्रद्धा और अनुशासन का संगम देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पावन पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाया।






