बाढ़ की मार से कायमगंज चीनी मिल का पेराई सत्र प्रभावित, लक्ष्य से लगभग आधी ही पेराई
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संवाद 24 संवाददाता। कायमगंज क्षेत्र में इस वर्ष आई बाढ़ का सीधा असर गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग पर देखने को मिला है। कायमगंज चीनी मिल ने चालू पेराई सत्र के लिए लगभग 15 लाख कुंतल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन प्राकृतिक आपदा के चलते गन्ने की भारी कमी हो गई। परिणामस्वरूप मिल निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले केवल 7.88 लाख कुंतल गन्ने की ही पेराई कर सकी।
आंकड़ों के अनुसार यह पेराई लक्ष्य का लगभग 52 प्रतिशत ही है, जो बीते सामान्य वर्षों की तुलना में काफी कम मानी जा रही है। बाढ़ से गन्ने की फसल को हुए व्यापक नुकसान के कारण खेतों से मिल तक गन्ने की आवक लगातार घटती चली गई। स्थिति यह रही कि शनिवार सुबह 8:30 बजे गन्ने की आपूर्ति पूरी तरह रुक जाने पर मिल को बंद करना पड़ा।
गन्ने की कमी का असर सीधे चीनी उत्पादन पर भी पड़ा है। इस सत्र में मिल से कुल 72 हजार 60 कुंतल चीनी का ही उत्पादन हो सका, जो सामान्य सत्रों की तुलना में काफी कम है। मिल ने 16 नवंबर से पेराई कार्य शुरू किया था, लेकिन मात्र 73 दिन यानी लगभग दो महीने 11 दिन चलने के बाद ही गन्ने के अभाव में उसे बंद करना पड़ा।
मिल बंद होने के बाद प्रबंधन की ओर से किसानों से अपील की गई है। महाप्रबंधक ने कहा है कि यदि किसी किसान के पास अभी भी पेराई योग्य गन्ना शेष है, तो वह शीघ्र ही मिल में आपूर्ति कर दे। इसके बाद मिल किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेगी।
कुल मिलाकर, बाढ़ ने न सिर्फ किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया, बल्कि चीनी मिल के उत्पादन और आर्थिक लक्ष्यों पर भी गहरा प्रभाव डाला है। यह स्थिति आने वाले समय में क्षेत्र की कृषि और उद्योग दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।






