महामंडलेश्वर का तीखा बयान: कसाइयों को फांसी, पश्चिम बंगाल में जल्द बदलेगी सियासत
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संवाद 24 संवाददाता। भारतीय गौवंश एवं पर्यावरण संरक्षण समिति दिल्ली के गौ रक्षा राष्ट्रीय अध्यक्ष और द्वारकाधीश पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास महाराज ने फतेहगढ़ स्थित भोलेपुर मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गौ हत्या के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और इस अपराध में लिप्त लोगों को कठोरतम दंड देने की मांग की। महामंडलेश्वर ने कहा कि गौ माता वैदिक परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं और उनका संरक्षण प्रत्येक भारतीय का नैतिक दायित्व है।
महंत रामेश्वर दास महाराज ने सभी कत्लखानों को बंद किए जाने की वकालत करते हुए राज्य सरकारों से अपील की कि वे अपने अधीन संचालित कत्लखानों के लाइसेंस निरस्त करें। उन्होंने कहा कि संत समाज की सरकारों में भागीदारी बढ़ने से गौ संरक्षण की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संत पृष्ठभूमि से आने वाले नेतृत्व के कारण गौशालाओं की व्यवस्था में सुधार हुआ है।
महामंडलेश्वर ने बताया कि उन्होंने कई गौशालाओं का निरीक्षण किया है और पिछले दस वर्षों की तुलना में वर्तमान स्थिति कहीं बेहतर है। गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर गौशालाओं के निर्माण में उपयोग किया जा रहा है। साथ ही ग्राम पंचायतें भी गौ संवर्धन और संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने आम जनमानस से आह्वान किया कि गौ माता के संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी पहल की जाए।
पश्चिम बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए महंत रामेश्वर दास महाराज ने कहा कि राज्य में बड़ा परिवर्तन आने वाला है। उनका दावा था कि वहां सनातन परंपरा से जुड़े लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और भविष्य में राज्य की राजनीतिक व सामाजिक दिशा बदलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल और कोलकाता में शांति एवं सामाजिक समरसता स्थापित होगी।
प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में महामंडलेश्वर ने कहा कि शंकराचार्य हिंदू समाज के आराध्य हैं और संत समाज का कर्तव्य है कि वह आंतरिक शुद्धिकरण कर समाज को शांति और समरसता का संदेश दे। उन्होंने इस विषय पर किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की बात कही।
अपने संबोधन के अंत में महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास महाराज ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग दोहराई और भारत माता के जयकारों के साथ जनमानस से एकजुट होकर गौ संरक्षण के लिए कार्य करने की अपील की।






