शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने दिया इस्तीफा
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संवाद 24 अयोध्या। राज्य कर (GST) विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। प्रशांत सिंह ने इसे अपनी आत्मा और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा निर्णय बताया है।
इस्तीफे की घोषणा करते हुए प्रशांत सिंह ने कहा कि वह एक वेतनभोगी कर्मचारी होने के साथ-साथ देश का नागरिक भी हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ की जा रही भाषा उन्हें बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक लगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह संविधान, राष्ट्रीय एकता और राज्य व्यवस्था में गहरी आस्था रखते हैं।
प्रशांत सिंह ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समर्थन में तथा शंकराचार्य की टिप्पणियों के विरोध में अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनके लिए बॉस के समान है और जब सरकार के मुखिया का अपमान होता है तो एक कर्मचारी के रूप में विरोध करना उनका नैतिक कर्तव्य बनता है।
भावुक होते हुए प्रशांत सिंह ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से मानसिक तनाव में थे और ठीक से सो भी नहीं पाए थे। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने रोते हुए अपनी पत्नी को फोन कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “जिसका नमक खाते हैं, उसका हक अदा करना चाहिए, मुझसे यह अपमान बर्दाश्त नहीं हुआ।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शंकराचार्य द्वारा कुछ अधिकारियों को धर्म के क्षेत्र में बड़ा पद दिए जाने जैसी बात कहकर इस्तीफा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जो एक गलत परंपरा और भ्रम पैदा करने वाला कदम है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था और समाज दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशांत सिंह ने कहा कि देश और समाज को चुनी हुई सरकार चलाती है और ऐसे में जनप्रतिनिधियों के सम्मान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी अपनी गाड़ियों पर “उत्तर प्रदेश शासन” लिखकर चलते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे सरकार का हिस्सा हैं और ऐसे में मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के अपमान से सरकारी कर्मचारी भी आहत होते हैं।






