बोर्ड तो दिखता है, पर चलता नहीं स्मार्ट क्लास प्रशिक्षण में शिक्षकों ने उजागर की जमीनी हकीकत
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संवाद 24 संवाददाता। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी आधारित प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की जमीनी सच्चाई सामने आई। प्रशिक्षण में जहां शिक्षकों को स्मार्ट बोर्ड के संचालन और डिजिटल शिक्षण की जानकारी दी जा रही थी, वहीं शिक्षकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कई विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड अब तक चालू ही नहीं हुए हैं।
प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने बताया कि उनके विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड केवल दीवारों पर टंगे शोपीस बनकर रह गए हैं। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो बोर्ड का इंस्टॉलेशन पूरा हुआ और न ही संचालन शुरू हो सका। कुछ शिक्षकों ने इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या उठाई, जबकि कई ने बताया कि स्मार्ट बोर्ड के लिए सिम कार्ड तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे डिजिटल शिक्षा की परिकल्पना अधूरी रह जा रही है।
शिक्षकों से संवाद में सामने आईं समस्याएं
बुधवार को आयोजित प्रशिक्षण शिविर के एक सत्र के बाद उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने शिक्षकों से संवाद किया और स्मार्ट क्लास के लाभों पर चर्चा की। जब उन्होंने शिक्षकों से जमीनी समस्याओं के बारे में पूछा तो बराैली अहीर क्षेत्र के अकबरपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक गिरीश कुमार शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड आज तक चालू नहीं हो पाया है। इसके बाद कई अन्य शिक्षकों ने भी अपने-अपने विद्यालयों की यही स्थिति बताई।
समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश
डायट प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकों की समस्याओं को लिखित रूप में संकलित कर एक प्रारूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ विद्यालयों में हाल ही में स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन इंस्टॉलेशन लंबित है, जिसे सेवा प्रदाता कंपनी के सहयोग से जल्द पूरा कराया जाएगा।
427 विद्यालयों में लगे स्मार्ट बोर्ड
डायट प्राचार्य ने जानकारी दी कि जिले के 427 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं और आईसीटी लैब भी स्थापित की गई हैं। प्रत्येक विद्यालय से दो शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे स्मार्ट क्लास के संचालन में दक्ष बन सकें और डिजिटल माध्यम से बच्चों की शिक्षा को प्रभावी बना सकें।
प्रशिक्षण में दी गई तकनीकी जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में तेजेंद्र सिंह, अजय कुमार शर्मा, अनिल कुमार, जयकांत और जितेंद्र सिंह ने स्मार्ट बोर्ड के रखरखाव, संचालन और विभिन्न शैक्षणिक एप्स के उपयोग की जानकारी दी। इस प्रशिक्षण में 100 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन सेवारत प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया।
इस अवसर पर प्रवक्ता अनिल कुमार, यशवीर सिंह, हिमांशु सिंह, कल्पना सिन्हा, पुष्पेंद्र सिंह, रंजना पांडे, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, रचना यादव, यशपाल सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।






