
संवाद 24 संवाददाता। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां चिकित्सकों ने आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दिल के ऊपरी हिस्से में मौजूद छेद को बिना किसी चीरफाड़ के सफलतापूर्वक बंद कर दिया। इस जटिल प्रक्रिया के बाद मरीज की हालत स्थिर है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
हृदय रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि फतेहाबाद निवासी 32 वर्षीय मरीज सांस फूलने, घबराहट और शरीर में सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल आया था। जांच के दौरान पता चला कि मरीज के हृदय की ऊपरी परत में छेद है, जिसे चिकित्सा भाषा में एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD) कहा जाता है।
डॉक्टरों की टीम ने मरीज का इलाज बिना किसी बड़े ऑपरेशन के किया। इस प्रक्रिया में पैरों की नस के माध्यम से एक विशेष डिवाइस को हृदय तक पहुंचाया गया और छेद को सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया। यह तकनीक न केवल सुरक्षित है, बल्कि मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती।
डॉ. हिमांशु यादव के अनुसार, यदि समय रहते डिवाइस नहीं लगाई जाती तो भविष्य में मरीज को गंभीर हृदय संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता था, जिससे जान का खतरा भी हो सकता था।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कॉलेज की कैथ लैब में अब हृदय रोग से जुड़ी कई जटिल प्रक्रियाएं नियमित रूप से की जा रही हैं। खास बात यह रही कि इस मरीज का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क किया गया।
यह सफल उपचार न केवल एसएन मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सरकारी अस्पतालों में अब उच्च स्तरीय हृदय उपचार संभव हो चुका है।






