घने कोहरे की चादर में लिपटा शहर: विजिबिलिटी 20 मीटर तक गिरी, 7 डिग्री पहुंचा पारा
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संवाद 24 संवाददाता। जिले में कड़ाके की सर्दी के साथ शीतलहर का असर तेज हो गया है। पिछले दो दिनों से छाए घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार को जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही।
शुक्रवार तड़के हालात और ज्यादा खराब रहे। सुबह करीब 6 बजे विजिबिलिटी घटकर महज 20 मीटर रह गई, जो 8 बजे तक बढ़कर लगभग 30 मीटर तक पहुंच सकी। घने कोहरे के कारण शहर की सड़कों पर सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा और जरूरी आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा।
हाईवे पर रफ्तार थमी
कोहरे का असर प्रमुख मार्गों पर भी साफ दिखाई दिया। इटावा–बरेली हाईवे और फर्रुखाबाद–दिल्ली मार्ग पर वाहनों की रफ्तार काफी कम रही। कई स्थानों पर वाहन चालकों को कोहरे के चलते आगे का रास्ता देख पाने में परेशानी हुई, जिससे यातायात प्रभावित रहा।
अलाव बना सहारा
तेज ठंड से बचाव के लिए लोग सार्वजनिक स्थानों और घरों के बाहर अलाव तापते नजर आए। बाजारों और चौराहों पर भी सर्दी का असर दिखा। एक सप्ताह तक धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत की उम्मीद थी, लेकिन अचानक लौटे कोहरे और शीतलहर ने परेशानी बढ़ा दी है।
स्कूल खुले, छात्रों को परेशानी
घने कोहरे और ठंड के बावजूद शुक्रवार से स्कूल खुल गए। सुबह-सुबह बच्चों को ठिठुरन के बीच स्कूल जाते देखा गया, जिससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ी।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 28 प्रतिशत दर्ज की गई। विभाग ने आने वाले दिनों में सुबह के समय कोहरा बने रहने और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है।
कुल मिलाकर, अचानक बढ़ी सर्दी और घने कोहरे ने फर्रुखाबाद में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।






