कड़ी निगरानी में ठप पड़ा संडे बाजार, फुटपाथ दुकानदारों का आक्रोश, नारेबाजी तक सीमित रहा विरोध
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संवाद 24 संवाददाता। रविवार को चौक–नेहरू रोड पर लगने वाला संडे बाजार प्रशासनिक सख्ती के चलते पूरी तरह नहीं लग सका। बाजार बंद रहने से नाराज़ फुटपाथ दुकानदारों ने बिजली घर के पास एकत्र होकर विरोध दर्ज कराया और नारेबाजी की, हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के कारण स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन पहले ही चौक–नेहरू रोड पर संडे बाजार लगाने पर रोक लगा चुका था। इससे पूर्व दुकानदारों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद एक दिन के लिए अस्थायी अनुमति दी गई थी। उस दौरान उच्च अधिकारियों से बातचीत कर अगले रविवार के लिए वैकल्पिक स्थान तय कराने का आश्वासन भी मिला था। व्यापारियों की सहमति के बाद उस दिन बाजार लगाया गया, लेकिन तय समय सीमा गुजर जाने के बावजूद वैकल्पिक स्थान को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।
बीते सप्ताह संडे बाजार न लगने के विरोध में मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की गई थी, जिसे पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए रोक दिया। चेतावनी के बाद व्यापार मंडल ने जुलूस स्थगित कर दिया और अधिकारियों से वार्ता के जरिए समाधान का भरोसा दिया गया। बावजूद इसके, शनिवार देर रात दुकानदारों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया कि रविवार को फुटपाथ पर किसी भी प्रकार की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रविवार सुबह करीब 11 बजे दो दर्जन से अधिक दुकानदार बिजली घर के पास जुटे और अपनी नाराज़गी जाहिर की। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और साफ कहा गया कि फुटपाथ पर बाजार नहीं लगने दिया जाएगा। दुकानदारों को अपनी बात सिटी मजिस्ट्रेट या उच्च अधिकारियों के समक्ष रखने की सलाह दी गई।
एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संडे बाजार के लिए वैकल्पिक स्थान तय न होना और औपचारिक बैठक न होना दुकानदारों की चिंता बढ़ा रहा है। नारेबाजी के दौरान यह भी सामने आया कि व्यापार मंडल के नगर और जिला स्तर के पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे छोटे दुकानदारों में निराशा और असमंजस की स्थिति बनी रही।
फिलहाल प्रशासन अपनी सख्ती पर कायम है और संडे बाजार पूरी तरह ठप रहा, जबकि दुकानदार समाधान की आस में अधिकारियों की ओर देख रहे हैं।






