नवरात्रि स्पेशल फलाहारी थाली: स्वाद, परंपरा और स्वास्थ्य का संतुलित संगम
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संवाद 24 डेस्क। नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और शुद्ध जीवनशैली को अपनाने का अवसर भी है। इन नौ दिनों में उपवास रखते हुए लोग अपने खान-पान में विशेष बदलाव करते हैं और सात्विक, हल्का तथा ऊर्जा देने वाला भोजन ग्रहण करते हैं। इसी परंपरा का एक अहम हिस्सा है “फलाहारी थाली”, जिसमें ऐसे व्यंजन शामिल होते हैं जो व्रत के नियमों के अनुरूप होते हैं और शरीर को आवश्यक पोषण भी प्रदान करते हैं। यह लेख आपको नवरात्रि स्पेशल फलाहारी थाली के विभिन्न व्यंजनों, उनकी सामग्री और बनाने की विधि को विस्तार से समझाएगा।
फलाहारी थाली का उद्देश्य केवल भूख मिटाना नहीं होता, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करना, पाचन को हल्का रखना और मानसिक शांति बनाए रखना भी होता है। इस थाली में साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, दूध, दही, फल, मेवे और सेंधा नमक जैसे तत्वों का उपयोग किया जाता है।
- साबूदाना खिचड़ी
सामग्री:
साबूदाना – 1 कप
उबले आलू – 2 (कटे हुए)
मूंगफली – ½ कप
हरी मिर्च – 2
जीरा – 1 छोटा चम्मच
सेंधा नमक – स्वादानुसार
घी – 2 बड़े चम्मच
नींबू रस – 1 छोटा चम्मच
हरा धनिया – सजाने के लिए
बनाने की विधि:
साबूदाना को धोकर 5-6 घंटे के लिए भिगो दें। कढ़ाही में घी गर्म करें, उसमें जीरा डालें। फिर हरी मिर्च और मूंगफली डालकर हल्का भूनें। अब उबले आलू डालें और थोड़ा चलाएं। इसके बाद साबूदाना डालें और धीमी आंच पर पकाएं। सेंधा नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएं। जब साबूदाना पारदर्शी हो जाए, तब गैस बंद कर दें। ऊपर से नींबू रस और हरा धनिया डालकर परोसें।
- कुट्टू के आटे की पूरी
सामग्री:
कुट्टू का आटा – 1 कप
उबले आलू – 2
सेंधा नमक – स्वादानुसार
हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी)
तेल – तलने के लिए
विधि:
उबले आलू को मैश करें और उसमें कुट्टू का आटा, नमक और हरी मिर्च मिलाएं। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पूरी बेलें और गरम तेल में तल लें। सुनहरी होने तक तलकर निकाल लें।
- दही आलू (फलाहारी सब्ज़ी)
सामग्री:
उबले आलू – 3
दही – 1 कप
जीरा – 1 छोटा चम्मच
हरी मिर्च – 2
सेंधा नमक – स्वादानुसार
घी – 1 बड़ा चम्मच
विधि:
कढ़ाही में घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। फिर हरी मिर्च डालकर भूनें। कटे हुए आलू डालें और हल्का सा भून लें। अब फेंटा हुआ दही डालें और धीमी आंच पर पकाएं। नमक डालकर 5-7 मिनट तक पकाएं। तैयार दही आलू को हरे धनिये से सजाएं।
- मखाने की खीर
सामग्री:
मखाने – 1 कप
दूध – 1 लीटर
चीनी – ½ कप
इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
काजू-बादाम – 2 बड़े चम्मच
विधि:
मखानों को घी में हल्का भून लें और दरदरा पीस लें। दूध को उबालें और उसमें मखाने डालें। धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक पकाएं। फिर चीनी और इलायची डालें। सूखे मेवे डालकर खीर को गाढ़ा होने तक पकाएं।
- फलाहारी फ्रूट चाट
सामग्री:
सेब, केला, पपीता, अनार – कटे हुए
सेंधा नमक – स्वादानुसार
काली मिर्च – ¼ छोटा चम्मच
नींबू रस – 1 छोटा चम्मच
विधि:
सभी फलों को एक बाउल में मिलाएं। ऊपर से नमक, काली मिर्च और नींबू रस डालें। हल्का सा मिक्स करें और तुरंत परोसें।
- सिंघाड़े के आटे का हलवा
सामग्री:
सिंघाड़े का आटा – 1 कप
घी – ½ कप
चीनी – ¾ कप
पानी – 2 कप
इलायची – ½ छोटा चम्मच
विधि:
कढ़ाही में घी गर्म करें और उसमें आटा डालकर सुनहरा होने तक भूनें। दूसरी ओर पानी और चीनी उबाल लें। अब इस चाशनी को धीरे-धीरे आटे में डालें और लगातार चलाते रहें। इलायची डालकर गाढ़ा होने तक पकाएं।
- पनीर मूंगफली सलाद (प्रोटीन युक्त)
सामग्री:
पनीर – 1 कप (क्यूब्स)
भुनी मूंगफली – ½ कप
खीरा – 1
टमाटर – 1
सेंधा नमक – स्वादानुसार
नींबू रस – 1 चम्मच
विधि:
सभी सामग्री को मिलाकर एक हेल्दी सलाद तैयार करें। यह प्रोटीन और ऊर्जा से भरपूर होता है।
फलाहारी थाली के लाभ
फलाहारी भोजन शरीर को हल्का रखता है और पाचन तंत्र को आराम देता है। इसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है। उपवास के दौरान इस तरह की संतुलित थाली खाने से कमजोरी नहीं आती और ऊर्जा बनी रहती है।
संतुलन और सावधानियाँ
उपवास के दौरान तले हुए भोजन का अधिक सेवन न करें। पर्याप्त मात्रा में पानी और फल लें। मधुमेह या अन्य रोगों से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
नवरात्रि की फलाहारी थाली केवल स्वाद का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता का भी प्रतीक है। सही सामग्री और संतुलित आहार के साथ आप इस पर्व को और भी खास बना सकते हैं। इन व्यंजनों को अपनाकर आप उपवास के दौरान भी स्वाद और पोषण का पूरा आनंद ले सकते हैं।






