एकतरफा प्यार ने किया जीवन तबाह, मैदान का चैंपियन कैसे बन गया अपराधी, रोंगटे खड़े कर देगी कहानी
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। जिस युवा की पहचान कभी रेस ट्रैक पर दौड़ते कदमों और मेडल की चमक से होती थी, वही युवक मंगलवार रात पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर हथकड़ियों में जकड़ा मिला। राष्ट्रीय स्तर का एथलीट, पुलिस दरोगा का बेटा और शहर की उम्मीद—अभिषेक—आज अपराधी बन चुका है। एकतरफा प्यार की सनक ने उसकी मेहनत, भविष्य और पहचान—सब कुछ छीन लिया।
मंगलवार रात शिकोहाबाद पुलिस से हुई मुठभेड़ में अभिषेक और उसका साथी सौरभ गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन पैरों ने कभी 100 और 200 मीटर की दौड़ में देश का प्रतिनिधित्व किया, आज उन्हीं पैरों में पुलिस की गोली और बेड़ियां हैं।
दोस्ती से जुनून, जुनून से हिंसा तक का सफर
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अभिषेक की एक वर्ष पहले ताजगंज क्षेत्र की एक युवती से दोस्ती हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे एकतरफा प्यार में बदल गई। अभिषेक शादी करना चाहता था, लेकिन युवती और उसके परिवार की असहमति से वह मानसिक रूप से असंतुलित होता चला गया।
चार महीने पहले विवाद बढ़ा तो अभिषेक ने युवती की निजी तस्वीरें वायरल कर दीं। युवती ने 25 अक्तूबर 2025 को ताजगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई का खौफ अभिषेक को नहीं रोक सका। 14 दिसंबर को उसने आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में युवती के मामा के साथ मारपीट की, जिसका अलग मुकदमा दर्ज हुआ।
डर के साए में पलायन, फिर भी पीछा नहीं छूटा
लगातार मिल रही धमकियों और डर के कारण युवती ने परिवार सहित आगरा छोड़ दिया और अरांव (फिरोजाबाद) के गांव में जाकर रहने लगी। लेकिन अभिषेक की सनक यहीं नहीं रुकी। सोमवार रात वह अपने साथियों के साथ युवती के गांव पहुंचा और वहां फायरिंग की।
जब पता चला कि युवती का पिता शिकोहाबाद में है, तो अभिषेक वहां पहुंचा और युवती के ममेरे भाई की जिम पर पथराव और फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार, यदि युवती का पिता सामने आ जाता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
मुठभेड़ में अंत, लेकिन सवाल बाकी
मुखबिर की सूचना पर शिकोहाबाद पुलिस ने गांव छीछामई नहर पटरी के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अभिषेक और सौरभ घायल हो गए। मौके से दो तमंचे, जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए गए।
एसएसपी सौरभ दीक्षित के अनुसार, सभी आरोपियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और न्यायालय में पेश किया जाएगा।
चूक या लापरवाही? पुलिस पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले से दर्ज मुकदमों और शिकायतों के बावजूद यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो शायद अरांव और शिकोहाबाद में फायरिंग जैसी घटनाएं न होतीं।






